मऊ। नगर क्षेत्र के क्यारी टोला सहित आधा दर्जन मुहल्लों में फैले मियादी बुखार की चपेट में आकर बीमार पड़े लोगों में दो की मौत सोमवार की शाम हो गई। मरने वालों में एक का उपचार और वाराणसी में चल रहा था, जबकि दूसरे को पीजीआई लखनऊ ले जाया जा रहा था ।
नगरपालिका क्षेत्र के क्यारी टोला, भरहू का पुरा, राजाराम का पुरा, पुरा छंगा आदि मुहल्ले के लोग संक्रामक बीमारियों के शिकार हो गए थे। इन मुहल्ले में करीब 100 लोग बुखार से ग्रसित थे। इस बात की सूचना मिलने पर मुख्यचिकित्साधिकारी ने बचाव और राहत के लिए मुहल्लों में डाक्टरों की टीम को भेजा था। जांच के दौरान पता चला कि बीमार लोग मियादी और वायरल बुखार की चपेट में आए है। डाक्टरों ने दवा आदि का वितरण भी किया, लेकिन मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा। इसी क्रम में सोमवार की शाम को दो की मौत हो गई। मृत अनवार अहमद और खालिद के आठ वर्षीय पुत्र क्यारी टोला मुहल्ले के निवासी थे। अनवर की पीजीआई ले जाते समय सोमवार की देर शाम को रास्ते में मौत हुई। जबकि खालिद के पुत्र का उपचार वाराणसी के एक अस्पताल में चल रहा था। दोनों के परिवार के लोगों की माने तो जांच में दोनों को डेंगू पाया गया। जबकि जिले की टीम ने जांच में उन लोगों को मियादी और वायरल बुखार की चपेट में आने की बात बताकर दवा दिया था। बताते चले मुहल्ले में हुई चौथी मौत से लोग हलाकान हैं। इससे पूर्व दो मौतें हुई थी। संक्रमण फैलने के बाद से हो रही मौत तथा जिला प्रशासन के मौन साधे रहने से मुहल्लेवासियों में आक्रोश व्याप्त है। साथ ही क्यारीटोला मुहल्ले के लोग भयभीत है। मुख्यचिकित्साधिकारी संतीशचंद्र सिंह ने बताया कि गंभीर रुप से बीमार कुछ लोगों के खून का नमूना जांच के लिए वाराणसी भेजा गया था। रिपोर्ट आने से पूर्व कोई घटना हो तो उसके बारे में क्या कहा जा सकता है। बोले अभी तक मुुझे डेंगू से मौत की कोई सूचना नहीं मिली है।