मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाते लोग।
मऊ। नवरात्र के बाद विजय दशमी पर नगर क्षेत्र में स्थापित प्रतिमाओं का विर्सजन शनिवार की रात से शुरू कर दिया गया। इसमें कोतवाली और दक्षिण टोला थाना क्षेत्र की 52 प्रतिमाएं शनिवार की आधी रात से विसर्जन के लिए जो उठाई गई तो दूसरे दिन रविवार की सुबह सात बजे नदी पर पहुंची। इसके चलते प्रतिमाओं के विसर्जन् का क्रम दोपहर तक चलता रहा। विसर्जन जुलूस के लिए सुरक्षा के कड़े इंतेजाम किए गए थे। इस दौरान पुलिस पीएसी के साथ-साथ सीआरपीएफ के भारी संख्या में जवानों के साथ उपद्रवियों पर नजर रखने के लिए दो ड्रोन कैमरा लगाया गया था।
बताते चले विजय दशमी के पर्व पर जिले में कुल 353 प्रतिमाएं स्थापित की गई थी। इसमें से पांच को छोड़ 348 प्रतिमाओं का विसर्जन विभिन्न तिथियों में होना है। लेकिन शनिवार को विजय दशमी पर्व के बाद शहर कोतवाली और दक्षिण टोला थाना क्षेत्र में स्थापित 52 प्रतिमाओं को विसर्जित करने की कवायद शनिवार की रात को ही शुरू की गई। इसमें पांच ऐसी प्रतिमाएं स्थापित थी, जो मुहर्रम के अवसर पर निकाले वाले जुलूस के रास्ते में पड़ती थी। मुहर्रम की नौवी का जुलूस भी निकले और प्रतिमांए विसर्जित हो जाए,इसके लिए जिला और पुलिस प्रशासन काफी अलर्ट था। इसके चलते पूर्व में तय रणनीति के तहत पांच प्रतिमाओं को अन्य प्रतिमाओं से पहले उठा दिया गया। इसके बाद रात 11 बजे से मुहर्रम के नौवीं का जुलूस निकला गया। इसके साथ ही भोर से अन्य प्रतिमाएं उठी। जो पूरी रात चलकर दूसरे दिन सुबह सात बजे के करीब तमसा नदी तट पर पहुंची। इसके बाद प्रतिमाओं के विसर्जन् का क्रम शुरु हुआ। जो दोपहर तक चलता रहा।