छत्तरपुरा स्थित दारुल हदीश मदरसे के हास्टल
में बुधवार को डायरिया से जहां एक छात्र की मौत हो गई, वहीं 13 छात्रों की
हालत गंभीर बनी हुई है।
मदरसे के प्रबंधक ने मृत छात्र का शव झारखंड स्थित
उसके घर भेजवा दिया, जबकि बीमार छात्रों को एक निजी अस्पताल में भर्ती
कराया। सूचना मिलने पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट अमृत लाल साहू ने बीमार
बच्चों को सीएमएस की मौजूदगी में निजी अस्पताल से निकलवाकर जिला अस्पताल
पहुंचवाया।
दारुल हदीश मदरसे के हास्टल में बुधवार को खाने में दाल और
चावल बना था। सुबह सभी ने खाना खाया। इसके बाद 14 छात्रों की हालत बिगड़
गई, जबकि झारखंड के साहबगंज निवासी एक छात्र तौवाब अंसारी (17) की मौत हो
गई। मदरसा प्रबंधक मुल्तान और प्रधानाचार्य मौलवी सुफियान ने आनन-फानन में
बीमार बच्चों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया और मृत छात्र का शव
एंबुलेंस से उसके घर भेजवाया।
उधर, घटना की जानकारी मिलते ही सिटी
मजिस्ट्रेट अमृत लाल साहू निजी अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने सीएमएस सहित
चार चिकित्सकों को बुलाया और भर्ती छात्रों नसीम, मोहम्मद परवेज, मोहम्मद
अजहर, मोहम्मद ओसामा, मोहम्म्द इफ्तेखार, मेराज, शकील, मोहम्मद ताहिर,
मोहम्मद नसीम, खुर्शीद, मोहम्मद मुस्तफा, मोहम्मद अयूब और मोहम्मद रफीक का
चेकअप कराके सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद सिटी
मजिस्ट्रेट मदरसे के हास्टल में पहुंचे। उनके साथ मौजूद टीम ने चावल-दाल और
पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया।
कोट :
अस्पताल में भर्ती
बच्चों की हालत में सुधार है। उनकी हालत डायरिया या फिर डिहाईड्रेशन से
खराब हुई लगती है। मदरसे का किचन काफी खराब है। आरओ भी नहीं लगा है। एक
कमरे में 50-50 छात्रों के सोने की व्यवस्था है। कहीं न कहीं कोई चूक जरूर
हुई है जिससे छात्रों की हालत खराब हुई। इसकी जांच कराई जा रही है।-अमृत
लाल साहू, सिटी मजिस्ट्रेट