फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mau News: स्वच्छता सर्वेक्षण टीम शहर में, फिर भी अफसर नहीं सुधार सके व्यवस्था

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए नगर पालिका के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। शहर में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है। सार्वजनिक स्थलों और वार्डों में रखे डस्टबिन कूड़े से लबालब भरे हैं, लेकिन नगर पालिका का ध्यान सफाई पर नहीं है। इतना ही नहीं, स्वच्छता रैंकिंग सर्वेक्षण टीम के शहर में होने के बावजूद सफाई व्यवस्था बदहाल है।
विज्ञापन

यह स्थिति उस समय भी है जब जिले में एक अप्रैल से जनसंचारी नियंत्रण अभियान भी पूरे निकायों में चलाया जा रहा है। बीते तीन सालों में नगर पालिका मऊ की रेटिंग हर साल गिर रही है ।दूसरी तरफ इस बार देर से शुरू हुए 2024 स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर शहर में स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के तमाम दावों की जांच अमर उजाला टीम द्वारा नगर के पांच मुख्य स्थानों पर रियलिटी चेक कर की गई।
इस दौरान टीम सबसे पहले नगर के फातिमा तिराहा स्थित राजकीय पुस्तकालय के पास पहुंची। यह हिस्सा नगर के बीच है, यहां सरकारी स्कूल और पुस्तकालय के बीच में खुले में कचरा खुले में डंप किया जा रहा है, यहां कोई कंटेनर तक नहीं रखा गया है, इतना ही नहीं यहां पास में एक निजी अस्पताल भी संचालित होने के साथ काशीराम कालोनी के आवास और स्थानीय लोगों का घर बना है।
विज्ञापन

इसके बाद टीम सहादतपुरा स्थित ब्रह्मस्थान पेट्रोल पंप के पास पहुंची जो राष्ट्रीय मार्ग-29 किनारे है, यहां एक खाली प्लाट में गंदा पानी जमा हो रहा है, जिसके पास एक निजी अस्पताल के साथ जिस खाली प्लाट में गंदा पानी भरा है उसके पीछे कई घर हैं। इसी तरह से नगर के निजामुद्दीनपुरा मुहल्ले में एक खाली प्लाट कचरे से पटा नजर आया।
वहीं बगल में बनी सरकारी पोखरी का आधा हिस्सा भी पॉलीथिन और दूसरे कचरों से ढंका मिला। उधर टीम द्वारा यूरिनल व्यवस्था की जांच की आजमगढ़ मोड़ से लेकर स्वदेशी काटन मिल तक पांच जगहों पर यूरिनल बना मिला, लेकिन स्वदेशी काटन मिल के पास बने एक शौचालय का दरवाजा ही नहीं बल्कि उसकी सीट भी टूटी होनी मिली। वहीं सफाई न होने से यूरिनल में जाने के बजाए लोग खुले में लघुशंका करते दिखे। यह स्थिति उस समय है जब नगर पालिका के जिम्मेदारों को पता है कि दिल्ली से स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर टीम नगर में आ चुकी है, जिनके द्वारा गोपनीय तरीके से नगर पालिका के स्वच्छता के दावे का भौतिक सत्यापन खुद फील्ड पर जाकर किया जा रहा है, साथ ही लोगों का फीडबैक भी लिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें