मऊ। भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के जिला कमेटी की बैठक बुधवार को किसान नेता रामअवतार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में वरिष्ठ नेता शिवाकांत मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश की खेती और कृषि व्यापार पूरी तरह से देशी विदेशी कंपनियों के हवाले कर दिया है। देश के संविधान में कृृषि व्यापार राज्यों की सूची का विषय है। लेकिन राज्यों के अधिकार का अतिक्रमण कर ये तीनों काले कानून बना दिये गये हैं।
बिजली तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों का निजीकरण अंधाधुंध किया जा रहा है। प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। संगीन अपराधों हत्या, लूट, फिरौती, के लिए अपहरण, सामूहिक बलात्कार में बेतहासा वृद्धि हुई है। जनतांत्रिक अधिकारों को सरकार अनदेखी कर रही है। सरकार का कानून व्यवस्था के ऊपर से आंतरिक नियंत्रण समाप्त हो चुका है। मांग की किसानों की खेती छीनकर पूंजीपतियों को मालामाल करने न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं राशन वितरण प्रणाली समाप्त करनें वाले कृषि कानूनों को तुरंत रद्द किया जाय। साथ ही प्रदेश में बिजली दरों को कम, स्मार्ट मीटर से दोगुना बिल भेजना बंद करने, बुनकरों को फ्लैट रेट बिजली देना जारी रखा जाय। इसके अलावा किसानों के नलकूपों पर मीटर लगाना बंद किया जाने की मांग की। बैठक में जयहिन्द राजभर, अभिषेक मिश्रा, रामअवतार सिंह, अंजनी सिंह, मुहम्मद हसन, राजेंद्र यादव, कैलाश चौहान आदि ने अपने विचार रखे।