सिपाही अशोक यादव की वाराणसी में मौत की खबर के बाद पैतृक गांव मधुबन के जगनपुर भिटियां गांव में घर के बाहर पसरा सन्नाटा।
वाराणसी में सिपाही की मौत से स्थानीय थाना क्षेत्र के जगनपुर भिटियां गांव में सन्नाटा पसरा है। पूरा परिवार इस हादसे की खबर सुनकर सदमे में है। पैतृक गांव जगनपुर में सिपाही के घर रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा है। मृतक सिपाही के भाई ने इसे हादसा नहीं हत्या का मामला बताया है।
मधुबन थाना क्षेत्र के जगनपुर भिटियाँ निवासी मृतक अशोक यादव पुत्र लालधारी अपने परिवार सहित वाराणसी में रहकर बच्चों की पढ़ाई के साथ कांस्टेबल के पद पर मंडुवाडीह थाना में तैनात था। बीती रात वह संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी रात्रि कालीन ड्यूटी के दौरान मृत अवस्था में पुल पर पाया गया। इसकी खबर मिलते ही अशोक यादव का दूसरा भाई संतोष यादव जो कुशीनगर में उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात है। अपने परिवार और पैतृक गांव से अशोक की माता मोतीरानी पिता लालधारी रोते बिलखते दोनों घर से वाराणसी के लिये रवाना हो गए। इस बड़ी घटना से अशोक की पत्नी किरन का रो रोकर बुरा हाल है। बच्चों का भविष्य और उनका सपना दम तोड़ता नजर आ रहा है। अशोक यादव के पिता किसान है।
अशोक के भाई संतोष ने बताया कि अशोक की मृत्यु किसी हादसे में नहीं बल्कि हत्या है। किसी ट्रक वाले ने अशोक के थाने पर सूचना दिया कि तीन की संख्या में हथियार से लैस बदमाश पुल पर जबरन वसूली कर रहे हैं। इसकी सूचना मिलते ही अशोक नेे एक अधिकारी के निर्देश पर घटना स्थल पर पहुंचे थे लेकिन कुछ देर बाद उनके मरने की खबर आई। संतोष के मुताबिक एक कुख्यात अपराधी जो अभी जल्दी ही जेल से छुटा है और घटना के बाद पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। अशोक की गोली मारकर हत्या की गयी है। फिलहाल मुझे पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दूसरे सिपाही जो जिंदगी और मौत से जूझ रहा है उसके बयान का इंतजार है।