मऊ। जिला अस्पताल में चार साल से 1 करोड़ रुपये की ब्लड कंपोनेंट सेप्रेशन यूनिट बेकार पड़ी थी। अब जाकर लाइसेंस मिलने के बाद नवरात्र में यूनिट के चालू होने की उम्मीद है। हर दिन पांच प्लाज्मा और प्लेटलेट्स के पांच से छह मरीज वापस लौट जा रहे थे। चार साल में करीब 7300 लोगों को वापस लौटना पड़ा।
लाइसेंस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग इसके संचालन की तैयारी में जुट गया है। लाइसेंस की प्रक्रिया को लेकर वर्ष 2022 से प्रयास किया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने ब्लड कंपोनेंट सेप्रेशन यूनिट के लिए पांच बार प्रस्ताव भेजा था।
एक बार ऑनलाइन और उसके बाद दोबारा नए सिरे से ऑफलाइन आवेदन किया गया। 2022 में कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने ब्लड कंपोनेंट सप्रेशन यूनिट के नए भवन और 1 करोड़ की मशीन का लोकार्पण किया था। इसके शुरू नहीं होने से रोजाना पांच से छह मरीज मायूस होकर लौट जा रहे थे। उन्हें महंगे दर पर निजी अस्पताल से प्लाज्मा, प्लेटलेट खरीदना पड़ रहा था। (संवाद)