बात करने पर मृत युवक के पिता ने स्पष्ट किया कि उसके पास खेत के नाम पर कुछ भी नहीं है। घर के नाम पर छोटी मंडई थी, जिसमें पूरा परिवार भरण पोषण करता है। बताते चलें मुन्ना बागी की हत्या आठ सितंबर को उस समय हुई, जब गांव में पोखरे की नीलामी के लिए बैठक चल रही थी। इस मामले में नामजद हुए छह लोगों में से दो ने कोर्ट में समर्पण किया। नामजद सुरेश सिंह और अमित को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
देर रात डीआईजी पहुंचे थे आसलपुर गांव
हत्या की घटना के बाद ग्रामीणों की हिंसक होने की सूचना पर देर रात 12:00 बजे के करीब डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुभाष दूबे घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान वो घटनाक्रम से अवगत होने के बाद उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी के विरुद्घ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया।