प्रदेश सरकार की एकीकृत सामाजिक पेंशन योजना के तहत जनपद के नौ ब्लाकों के ग्रामीण क्षेत्रों के 5 हजार एक सौ 76 आवेदकों के वृद्धावस्था पेंशन के ऑनलाइन आवेदन खंड विकास अधिकारियों की लापरवाही के चलते अधर में लटके हुए हैं।
इन आवेदनों का सत्यापन निचले स्तर पर महीनों पहले हो चुका है। लेकिन जिले के सभी नौ ब्लाकों के खंड विकास अधिकारियों द्वारा अग्रसारित न करने से पात्र लाभार्थी पेंशन से वंचित है। सबसे खराब स्थिति रतनपुरा ब्लाक की है यहां पर वृद्धावस्था के 806 आवेदन बीडीओ के अग्रसारण के अभाव में पेंडिंग हैं।
जिले के सभी नौ ब्लाकों में कुल 42 हजार 404 आवेदकों ने ऑनलाइन आवेदन किया। इनमें से 39 हजार 256 आवेदन अंतिम रूप से जमा किए गए। इनमें से पीएफएमएस वेबसाइट पर 23,111 आवेदन अपलोड किए गए। हालांकि 23,962 आवेदकों की ओर से हार्डकॉपी भी समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में जमा की गई।
इनमें से 1475 आवेदन जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा तथा 747 आवेदन बीडीओ द्वारा निरस्त कर दिए गए। समाज कल्याण अधिकारी की ओर से सभी खंड विकास अधिकारियों को कुल 22 हजार 368 आवेदन सत्यापन के अग्रसारित किए गए।
लेकिन इनमें से केवल 16 हजार 445 आवेदन खंड विकास अधिकारियों द्वारा स्वीकार किए गए जब कि 9906 सत्यापन के बाद अग्रसारित किए गए। खंड विकास अधिकारियों के स्तर पर अभी भी पांच हजार 176 आवेदन लंबित हैं।
लंबित मामलों की संख्या
वर्तमान में बड़रांव ब्लाक में 774 , दोहरीघाट ब्लाक में 955 , फतेहपुर मंडाव ब्लाक में 478 , घोसी में 796 , कोपागंज ब्लाक में 701 , मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक में 91 , परदहा ब्लाक में 423 , रानीपुर ब्लाक में 152 और रतनपुरा ब्लाक में सर्वाधिक 806 आवेदन बीडीओ के अग्रसारण के अभाव में लटके पड़े हैं। इसके चलते पात्र लाभार्थियों को पेंशन के लिए बार बार ब्लाक मुख्यालयों और समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
क्या कहते हैं आवेदक
ऑनलाइन आवेदन कराने के बाद हार्डकापी भी जमा कर दिया । सेक्रेटरी ने जांच कर अपनी रिपोर्ट भी लगा दी लेकिन उसकी पेंशन अब तक मंजूर नहीं हुई। जिले पर जाने पर कहा जाता है ब्लाक पर जाओ और ब्लाक पर जाने पर कोई सुनता ही नहीं। -सुखराम, संभरुवा गांव, रतनपुरा ब्लाक
केवल कहने के लिए समय सीमा निर्धारित है, इसका पालन नहीं हो रहा है। इससे समय से पेंशन नहीं मिल पा रही है। -राम सरीख, बिंदटोलिया
बीडीओ के स्तर पर लंबित सत्यापनों को अग्रसारित करने के लिए जिलाधिकारी की ओर से खंड विकास अधिकारियों को पत्र लिखे गए हैं। सत्यापन रिपोर्ट आने पर उनके आवेदन स्वीकृति के लिए लखनऊ मुख्यालय भेज दिए जाएंगे। -मुक्तेश्वर त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, मऊ