कलेक्ट्रेट के पास स्थित झील महल सरोवर बदहाल पड़ा हुआ है। सरोवर में गंदा पानी काला पड़कर सड़ रहा है, साथ ही पानी में काई जमी हुई है। नौ महीने पूर्व सरोवर में पत्थर पिचिंग कार्य होने के समय बोट चलाने की बात कही गई थी लेकिन अभी तक कुछ नही हुआ।
पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर पालिका ने झील महल के सुंदरीकरण का कार्य कराया गया। जिसमें मई 2025 में 17.30 लाख रुपये की लागत से सरोवर के अंदर पत्थर पिचिंग का कार्य कराया गया। जिससे झील महल सरोवर सुरक्षित और सुंदर हो गया।
यहां पर स्ट्रीट लाइटें और लोगों के बैठने के लिए कुर्सियां भी लगाई गई। झील महल सरोवर के लोकार्पण के समय शाम को शहरवासियों के लिए बोट चलाने और स्ट्रीट मार्केट लगाने की बात कही गई लेकिन सारे दावे कोरे साबित हुए।
नगर पालिका परिषद से सरोवर में बोट चलाना तो दूर उसमें मौजूद काई की सफाई भी नही हो पा रही है। उन्होंने कहा कि झील महल सरोवर शहर के बीचो बीच मौजूद है। उसमें अगर बोट चलता तो आकर्षण का केंद्र रहता। - छोटेलाल गांधी, मुंशीपुरा
शहरवासियों के लिए शहर में रोज गार्डन को छोड़कर कोई भी घूमने की जगह नही है। ऐसे में झील महल सरोवर पर्यटन के एक अच्छे केंद्र के रुप में स्थापित किया जा सकता है। - अरविंद मूर्ति, समाजसेवी
झील महल सरोवर में सरकार का लाखों पैसा लगा हुआ है। लेकिन उससे किसी को कोई लाभ नही है। अगर सरोवर में बोट चलेगी और स्ट्रीट दुकानें लगेंगी तो दुकानदारों और सरकार दोनों को लाभ होगा। -मनोज कुमार, पहसा
विभागीय उदासिनता के चलते झील महल भी बदहाल पड़ा हुआ है। लोग यहां पहुंचते हैं। लेकिन उनको केवल काई लगा गंदा पानी देखने को मिलता है। - अनूप, सहादतपुरा
कोट
नगर पालिका के ईओ ने कहा कि शहरवासियों को अच्छा माहौल देने के लिए नगर पालिका में कार्य योजना बनाई गई है। जल्द ही झील महल सरोवर में बोटिंग के साथ -साथ, पास की बची जगह में ओपन जिम लगाने का भी प्रस्ताव है। -दिनेश कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद मऊ