मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को निशुल्क ड्रेस, बैग, जूता, मोजा आदि के लिए इस वर्ष नए शिक्षा सत्र के शुरुआती समय में ही अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी। विभाग की तरफ से डीबीटी प्रक्रिया पूरी करने की कवायद तेजी से चल रही है। अब तक लगभग 80 हजार बच्चों का डाटा सत्यापन हो चुका है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शासन की तरफ से डीबीटी की राशि भेजी जाएगी। जिले में 1208 परिषदीय विद्यालय हैं। शासन की तरफ से विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को नि:शुल्क ड्रेस, जूता, मोजा आदि के लिए 1200 रुपये धनराशि अभिभावकों के खाते में भेजी जाती है। गत वर्ष विभाग की तरफ से प्रक्रिया देर से शुरू हुई थी।
शिक्षकों की मानें तो विद्यालय में नामांकन के लिए बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य है। प्रवेश के लिए आने वाले बच्चों के पास आधार कार्ड न होने पर नामांकन तो किया जा रहा है। लेकिन जब तक आधार कार्ड नहीं मिल जाता, तब तक डीबीटी राशि के लिए उनका नाम नहीं भेजा जा सकता। बच्चों से आधार कार्ड मांगा जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग के पोर्टल पर 81824 प्रोन्नत बच्चाें का डाटा अपलोड किया गया है। 15 अप्रैल 2025 तक 4922 बच्चों का नवीन प्रवेश किया जा चुका है। विद्यालयों में एडमिशन करने की प्रक्रिया चल रही है। विभाग की तरफ से अब तक 80 हजार बच्चों का डाटा सत्यापन हो चुका है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शासन की तरफ से बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी की राशि भेजी जाएगी। जिला समन्वयक एमआईएस अवधेश कुमार सिंह का कहना है कि डीबीटी प्रक्रिया पूरी करने की जा रही है। लगभग 80 हजार बच्चों का डाटा सत्यापन करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।