मऊ। सदर विधायक मुख्तार अंसारी के उन करीबियों पर प्रशासन की नजर है जिन्होंने विधायक के प्रभाव का इस्तेमाल कर अनुचित लाभ उठाया। प्रशासन ऐसे लोगों को चिह्नित करके उनकी फाइलों को खंगाल रहा है। खासकर उन फाइलों को खंगाला जा रहा है जिसमें विधायक की सिफारिशी चिट्ठियां लगी हैं और विधायक के प्रभाव से लोगो अनुचित लाभ उठाया है। अवैध तरीके से आय अर्जित किया है।
ऐसे लोगों में असलहा धारक,कोटेदार, ठेकेदार,कारोबारी शामिल हैं।ऐसा माना जाता है कि मुख्तार अंसारी के जिले में कई क्षेत्रों में खासा प्रभाव रखने वालों से नजदीकी है। ऐसे लोग मुख्तार के नजदीकी का लाभ लेने के लिए उनके पद का इस्तेमाल किया है। विधायक ने भी पूरी दरियादिली से ऐसे लोगों की मदद के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को पत्र लिखा।
ऐसे लोगों में अस्त्र लाइसेंस चाहने वाले, कोटे की दुकान चलाने वाले, डूडा सहित विभिन्न सरकारी विभागों में छोटे मोटे ठेके के काम चाहने वालों, प्रापर्टी डीलिंग,नगर पालिका से लेकर नगर पंचायतों में टैक्सी स्टैंडों के ठेके ,कोयले और बाहर से मछली के कारोबार करने से लेकर विभिन्न कारोबार करने वाले लोग शामिल हैं। इसके अलावा प्रशासन की नजर उन सभी क्षेत्रों पर है जहां से सदर विधायक मुख्तार अंसारी के प्रभाव का इस्तेमाल कर स्वार्थ सिद्धि की गई।
प्रशासन इस बात का लेखा जोखा तैयार कर रहा है कि पिछले 22 सालों में मुख्तार ने ऐसे कितने लोगों को लाभान्वित किया है। पुलिस प्रशासन ऐसे लोगों की सूची तैयार कर रहा है जो मुख्तार की नजदीकी और प्रभाव का इस्तेमाल कर काफी अवैध कमाई की है। सभी सरकारी विभागों को मुख्तार की सिफारिशी चिट्ठियों वाली फाइलें खंगालने का निर्देश दिया गया है। अब तक मुख्तार के कई करीबियों के असलहों के लाइसेंस निरस्त कर उनके असलहे जमा करा लिए गए हैं।कई के असलहों के लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति पुलिस अधीक्षक ने जिलाधिकारी को भेजी है।
इस बारे में पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य का कहना है कि गैंग बनाकर किए जा रहे अवैध कार्यों और तथ्यों को छिपाकर अवैध तरीके से हासिल किए गए असलहों के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई है।