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दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष कारावास

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मऊ। नाबालिग लड़की को बहला फुसला कर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के दोषी को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सुरेश कुमार गुप्ता ने 10 वर्ष के कारावास और 28 हजार रुपये अर्थदंड सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है।
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अभियोजन के अनुसार मधुबन क्षेत्र के एक व्यक्ति की 15 वर्षीय लड़की को मधुबन क्षेत्र के बैरियाडीह गांव निवासी धनंजय बहला फुसलाकर भगा ले गया और दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर धनंजय के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव और प्रवीण कुमार मिश्र ने पीड़िता सहित कुल सात गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है । एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद धनंजय साहनी को नाबालिग लड़की को शादी के आशय से बहला-फुसलाकर भगाने और दुष्कर्म करने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के मामले में 10 वर्ष की सजा के साथ ही बीस हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। नाबालिग को भगाने के मामले में 3 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा के साथ ही तीन हजार रूपया अर्थदंड तथा शादी के आशय से भगाने के मामले में 5 वर्ष की सजा के साथी ही पांच हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर क्रमश: 3 माह व 5 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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