भीषण ठंड पड़ने का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। सर्द हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान लुढ़ककर सात डिग्री से. पर पहुंच गया, जब अधिकतम तापमान 18 डिग्री रहा। लोग देर तक घरों में ही दुबके रहे। भीषण शीतलहर को देखते हुए शासन ने आठवीं कक्षा तक के सभी सरकारी तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों को 21 जनवरी तक बंद रखने का फरमान जारी किया है।
इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। कई दिनों से आकाश में बादल छाए हुए हैं। धूप न निकलले से पारा लुढ़कता जा रहा है। शनिवार को अपराह्न बाद धूप निकली। लेकिन तेज सर्द हवा के चलने से धूप का असर नहीं दिखा। शाम होते ही गलन बढ़ जाने से लोग ठिठुरते देखे गए।
रेलवे स्टेशन तथा रोडवेज पर प्रतीक्षा करने वाले यात्रियों को एक-एक पल बिताना कष्टकारक साबित हो रहा था। ठंड के चलते अब तक आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है, बावजूद सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने में खानापूर्ति की जा रही है।
भीषण ठंड को देखते हुए शासन ने आठवीं तक के सभी सरकारी तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों को 21 जनवरी तक बंद करने का फरमान जारी किया है। सुबह, शाम के समय रिक्शा, ठेला, खोमचा चलाने वाले तथा फुटपाथ पर जिंदगी गुजारने वालों की स्थिति बद से बदतर हो जा रही है। देर रात तक चहल पहल रहने वाले बाजारों में शाम छह बजे तक सन्नाटा पसर जा रहा है। इसके बाद भी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाने के मामले में प्रशासन चुप्पी साधे हुए हैं। उधर खेतों में काम करने वाले किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। जिले के कई इलाकों में रात ही बिजली मिल रही है। जबकि दिन में बिजली ही नहीं मिल रही है। ऐसे में किसानों को जान जोखिम में डालकर रात में फसलों की सिंचाई तथा गन्ना पेराई करनी पड़ रही है। लोग दिन में ही पर्याप्त बिजली आपूर्ति की मांग कर रहे हैं, मगर बावजूद अधिकारी शासन का फरमान बताकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।