लखनऊ में पत्रकारों की पिटाई के विरोध में शनिवार को जिले के पत्रकारों ने शहर कोतवाली क्षेत्र के आजमगढ़ तिराहे पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। साथ ही जमकर नारेबाजी भी। मांग की कि पत्रकारों की पिटाई करने वालों की पुलिस जल्द से जल्द गिरफ्तारी करे।
लखनऊ में शुक्रवार को एक मिष्ठान की दूकान के सीज होने पर कवरेज करने गए इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों को दूकानदार द्वारा बुलाए गए भाड़े के गुंडों ने बंधक बनाकर पीटा।
इस दौरान पुलिस मूक दर्शक बनी रही। इसी घटना के विरोध में शनिवार की शाम आजमगढ़ तिराहे पर जिले के सभी प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार इकट्ठा हुए और प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। इस दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए दुर्गा किंकर सिंह ने कहा कि जिस प्रकार पुलिस की उपस्थिति में भाड़े के गुंडों ने पत्रकारों की पिटाई की, इससे यह साबित होता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नही है।
उन्होंने पत्रकारों को पीटने वाले गुंडों के साथ साथ वहां मौजूद पुलिसकर्मियों पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग की। वेद मिश्रा और प्रदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश में लगातार पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार हो रहे हैं। ऐसे में उन्होंने पत्रकाराें को सुरक्षा देने की मांग की। पूतला फूंकने के दौरान मुख्य रुप से अरुण सिंह भीमा, आनंद गुप्ता, रविन्द्र सैनी, प्रवीण श्रीवास्तव, नौशाद, हरिओम, अभिषेक, हसनैन आजमी, अंकित सिंह आदि मौजूद रहे।