घोसी के मानिकपुर असना गांव में उम्मीद फाउंडेशन द्वारा आयोजित मुशायरा व कवि सम्मेलन में कलाम पेश करतीं निकहत अमरोही।
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तहसील क्षेत्र के मानिकपुर असना गांव में उम्मीद फाउंडेशन घोसी के तत्वाधान में बुधवार की रात्रि एक शाम शहीद ए उर्दू पूर्व सांसद जयबहादुर सिंह के नाम अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के प्रतियोगी परीक्षा में सफल और समाजसेवा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले एक दर्जन युवाओं को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मशहूर शायर स्व. अनवर जलालपुरी के चित्र पर भाकपा के राष्ट्रीय सचिव अतुल सिंह अंजान और मुख्य अतिथि विधायक उमाशंकर सिंह द्वारा माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। कवि सम्मेलन और मुशायरे में आए शायर, कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कवि सम्मेलन और मुशायरे की शुरुआत शायर अल्ताफ जिया ने जो नबी से मेरे आसन हो गया, उसको देख आईना आईना हो गया नातिया कलाम से किया। शायर नदीम अख्तर ने ये रिश्ते टूट जाएंगे, तो भारत टूट जाएगा सुनाकर एकता का संदेश दिया। मंजर भोपाली ने अपने शेर देश के गद्दारों से कह दो ,ये धरती जान से प्यारी है से बताया कि हिन्दू धर्म से नफरत करना इस्लाम नहीं कहता। युवा शायर सलमान घोसवी ने दिल से गम के बादल भी उठे, आंख से बरसात, रात ये कैसे कटेगी सुनाकर युवाओं को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया।
शायरा निकहत अमरोही ने अपने शेर तुमने मेरे इंसानियत के दामन को आज फिर तार तार कर डाला, एक बच्ची की इज्जत लूट कर, शर्म को शर्मसार कर डाला से वर्तमान में घट रहे हालातों को बयां किया। राजेश राही, खुशबू शर्मा के अलावा इंग्लैंड से आये शायर डा. रहमतुल्लाह, दमदार बनारसी, नईम अख्तर बुरहनपुरी, डा. बशर उस्मानी, सहित दूसरे शायर कवियों ने अपने शेर, गजल पेश कर एकता और आपसी प्रेम भाव का संदेश दिया। अध्यक्षता प्रसिद्ध साम्यवादी विचारक अतुल कुमार अंजान ने किया। संचालन शायर नदीम अख्तर फर्रुख ने किया। इस मौके पर मनोज सिंह, गुफरान अहमद, आकिब सिद्दीकी, मनोज सिंह, दानिश इमरान, खुर्शीद खान, सरफराज खान सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।