मधुबन तहसील के पश्चिम गेट पर ताला बंद होने से आवागमन में दिक्कत ।संवाद
मधुबन तहसील परिसर में मंगलवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब तहसील प्रशासन ने तहसील मुख्यालय के पश्चिमी गेट पर ताला लगाकर उसे बंद कर दिया। अचानक गेट बंद होने से फरियादियों, अधिवक्ताओं और आम लोगों में चर्चा होती रही।
पश्चिमी गेट से तहसील कर्मियों, वादकारियों और अधिवक्ताओं का लंबे समय से आवागमन होता रहा है लेकिन मंगलवार को प्रशासन द्वारा इस गेट को बंद कर दिए जाने के बाद लोगों को उस रास्ते से आने-जाने से रोक दिया गया।
गेट पर ताला लटकते ही तहसील परिसर में मौजूद लोगों के बीच अफरातफरी मच गई और हर कोई गेट बंद होने के कारण की जानकारी लेने में जुट गया।
नगर पंचायत के उसुरी निवासी हरेंद्र मल्ल, जो वर्तमान में मानकौरा जनपद पडरौना में निवास करते हैं, ने हाईकोर्ट में वाद दाखिल कर आरोप लगाया था कि जिस भूमि से होकर तहसील कर्मियों, वादकारियों और अधिवक्ताओं का आवागमन होता है, वह उनकी पुश्तैनी जमीन है।
उन्होंने न्यायालय से इस भूमि के संबंध में मुआवजा मांगा था। मामले का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन से जवाब मांगा था। इसके बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच-पड़ताल कराते हुए एहतियातन तहसील मुख्यालय के पश्चिमी गेट को बंद कर उस मार्ग से आवागमन पर रोक लगा दी।
गेट बंद होने के बाद तहसील परिसर में आने वाले लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है और इस निर्णय को लेकर दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।