नगर के राघोपट्टी में तमसा नदी में डूबते किशोर को बचाने का प्रयास करती युवक।स्रोत-सोशल मीडिया
मऊ। सरायलखंसी के राघवपट्टी मुहल्ले में बुधवार दोपहर छठ पूजा के लिए वेदी बनाते समय तमसा नदी में डूबने से किशन चौहान (17) की मौत हो गई। वहां से गुजर रहे युवक ने नदी में छलांग लगाकर उसे बाहर निकाला और बाइक से जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस पंचनामा तैयार करने लगी, तो पिता रामचंद्र चौहान ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। राघोपट्टी निवासी रामचंद्र चौहान का बड़ा बेटा किशन चौहान बलिया में अपने ननिहाल में रहकर पढ़ाई करता था। दीपावली और छठ पर्व मनाने के लिए 19 अक्तूबर को घर आया था। बुधवार दोपहर गांव के लोगों के साथ तमसा नदी घाट पर वेदी बना रहा था। वेदी बनाते समय उसके हाथ पैर में मिट्टी लगी थी। उसे धुलने के लिए वो नदी की गहराई में उतर गया। पैर फिसलने से बहकर नदी के बीचोबीच चला गया और डूबने लगा। उसे डूबता देख किनारे मौजूद लोग शोर मचाने लगे। वहां से गुजर रहे तीन युवक नदी में कूद गए और खींचकर किसी तरह बाहर निकाला। उसे बाइक पर लादकर जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। किशन तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। थानाध्यक्ष पंकज पांडेय ने बताया कि परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं थे। अंतिम संस्कार के लिए शव उन्हें सौंप दिया गया है।