पूर्वांचल पूर्ण स्ववित्तपोषित संघ की बैठक रविवार को नगर स्थित डीसीएसके पीजी कालेज के सभागार में हुई। इसमें जिला इकाई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के शिक्षकों को सुविधाएं देने की मांग की गई।
डॉ. अतिउर्रहमान को जिला संयोजक, डॉ. अखिलेश तिवारी को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। डॉ. अखिलेश कुमार को महामंत्री बनाया गया। डॉ. सारिका तिवारी को महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष बनाया गया। डॉ. ऋषिकेश तिवारी को जिला प्रभारी बनाया गया। डॉ. अरुण कुमार मिश्र को मीडिया प्रभारी, अवनीश तिवारी को सह मीडिया प्रभारी बनाया गया। डॉ. रमेश चंद्र मिश्र, राघवेंद्र राय, इंद्रसेन वर्मा को सलाहकार समिति का सदस्य नामित किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ विवेक पांडेय ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र के कार्य में कार्य कर रहे शिक्षकों की समस्याएं चिंतनीय हैं। सरकार के पास छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए बजट है। लेकिन शिक्षकों के भविष्य संवारने के लिए कोई धन नहीं है। दुर्घटना होेने पर शिक्षकों के आश्रितों को 5.40 लाख की आर्थिक सहायता दी जाए।
शिक्षकों व कर्मचारियों की समस्याओं को कुलपति सम्मेलन में उठाया जाएगा। इस अवसर पर आशुतोष सिंह, दुर्गेश मिश्र, अरविंद कुमार यादव, शैलेश अस्थाना, इंद्रसेन वर्मा, राघवेंद्र राय, धर्मेंद्र कुमार आदि शामिल थे।
उधर स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में तैनात शिक्षकों की समस्याओं को लेकर उप्र स्ववित्तपोषित महाविद्यालय शिक्षक एसोसिएशन की बैठक रविवार को नगर के भीटी स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में भी हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सिंह ने कहा कि नौ जनवरी को जौनपुर में राज्यपाल की अध्यक्षता में कुलपतियों के सम्मेलन में शिक्षकों की मांगों को लागू किया जाए।
कहा कि स्ववित्तपोषित शिक्षकों को न्यूनतम वेतन निर्धारित हो। ईपीएफ कटौती अनिवार्य रुप से किया जाए। स्ववित्तपोषित शिक्षकाें और उनके परिवार को चिकित्सकीय सुविधा प्रदान किया जाए। इस अवसरपर डॉ. रामानंद सिंह चौहान, मोहन सिंह, सुबाष चौहान, वृजेश यादव, छाया मिश्रा, सुरेश यादव आदि शामिल थे।