जिले के परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को ऑनलाइन मोड में हाईटेक प्रशिक्षण दिया जाएगा। सत्र 2026-27 के लिए निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला चरण दीक्षा पोर्टल के माध्यम से लाइव कर दिया गया है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए शिक्षकों को नई शिक्षा नीति, गतिविधि आधारित शिक्षण और डिजिटल सुरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। शिक्षकों का ऑनलाइन नामांकन 21 मई से 31 अगस्त तक तय किया गया है।
जिले में 1208 परिषदीय, 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय सहित 2500 से अधिक विद्यालय हैं। मिशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में आधुनिक बुनियादी सुविधाएं बहाल की गई हैं।
शासन का ध्यान अब शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उनके डिजिटल कौशल को निखारने पर केंद्रित है। सरकार का मुख्य उद्देश्य तकनीक आधारित ऐसा शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल तैयार करना है, जो जमीनी स्तर पर मजबूत हो और जिसका सीधा लाभ छात्रों को मिल सके।
इसी के तहत सरकार की तरफ से निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। कार्यक्रम के तहत शिक्षकों का ऑनलाइन नामांकन 21 मई से शुरू हो चुका है, जिसकी अंतिम तिथि 31 अगस्त तक तय की गई है। इसके बाद सभी स्वीकृत पाठ्यक्रम 15 सितंबर तक संचालित किए जाएंगे।
अधिकारियों की मानें तो परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक खुद तकनीक और आधुनिक तौर-तरीकों में निपुण होंगे। इससे सरकारी स्कूलों के बच्चों की सीखने की क्षमता और उनके परिणाम में बड़ा सुधार आएगा।
विभाग की तरफ से अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षकों का शत-प्रतिशत नामांकन और समयबद्ध प्रशिक्षण पूरा कराने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, बीईओ, डायट मेंटर्स आदि को निर्देश दिए गए हैं।
इस बाबत डायट प्रवक्ता डॉ. संदीप राय का कहना है कि निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए सभी शिक्षकों का नामांकन कराया जाना है। प्रक्रिया चल रही है।