मुहम्मदाबाद गोहना। आजमगढ़ से चलकर वाराणसी जाने वाली तमसा पैसेंजर ट्रेन साल 2020 में कोरोना काल से बंद है। संचालन शुरू न होने से आम लोगों के साथ व्यापारियों, मजदूरों और गरीब तबके के लोगों को परेशानी हो रही है। ऐसे में रेल अधिकारियों के बार-बार दिए जा रहे आश्वासन भी अब लोगों के गले नहीं उतर रहे हैं। कम पैसे में निश्चित समय में वाराणसी तक का सफर करने वाले हजारों यात्रियों को इसके संचालन का इंतजार है।
आजमगढ़ कमिश्नरी मुख्यालय से मुहम्मदाबाद गोहना, मऊ के रास्ते होकर वाराणसी जाने वाली तमसा पैसेंजर ट्रेन का संचालन दो साल से बंद है। कोरोना काल में बंद हुई अधिकांश ट्रेनों का संचालन अब शुरू हो चुका है लेकिन इस रूट के लिए सबसे मुफीद और सस्ती रेल सेवा देने वाली तमसा पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू नहीं हुआ है। मुहम्मदाबाद गोहना से औसतन 130 पैसेंजर रोजाना वाराणसी का सफर करते थे। खासकर व्यापारियों के लिए यह सबसे मुफीद और सुलभ ट्रेन है। सबसे अधिक असर हाल्ट स्टेशन से चढ़ने उतरने वाले यात्रियों को हो रहा है। जबकि इसका संचालन न होने से रेलवे की आमदनी में भी कमी आई है। किसान नेता नागेंद्र सिंह का कहना है कि तमसा का संचालन बंद होने से तीस गांवो के यात्रियों को परेशानी हो रही है। रेल संघर्ष समिति के संयोजक वीरेंद्र तिवारी, व्यापार मंडल के सदस्य प्रेमचंद यादव का कहना है कि मुहम्मदाबाद गोहना, खुरहट, पलीगढ़ के सैकड़ों व्यापारी निजी वाहनों का सहारा ले रहे हैं। दुकानदार जीवन मौर्या का कहना है कि मात्र 25 रुपए में वाराणसी की यात्रा की जगह अब दो सौ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। जेडयूआरसीसी के पूर्व सदस्य शाह आलम कुरैशी ने बताया कि तमसा संचालन के लिए रेल अधिकारियों को दर्जनों पत्र भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि अब यह रूट इलेक्ट्रिफाई हो चुका है ऐसे में अभी इस रूट पर डीजल इंजन वाले रैक का संचालन नहीं किया जा सकता है। वाराणसी मंडल मुख्यालय ने 11 मेमू रैक की मांग की है। मेमू रैक उपलब्ध होते ही इस रूट पर तमसा की जगह मेमू ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा। अशोक कुमार, पीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल मऊ-शाहगंज रेलमार्ग पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास जारी है। जल्द ही तमसा पैसेंजर ट्रेन का संचालन किया जाएगा।