निर्मल तमसा का असर दिखने लगा है। जगह-जगह मलबे के कारण अवरोध हुई नदी की धारा का मार्ग मिलने लगा है। शहरवासियों और प्रशासन के 18 दिन के अथक परिश्रम का सुफल है। इसमें सिंचाई विभाग के इंजीनियरों की योजना की महती भूमिका रही, जिनकी कार्ययोजना पर काम करते हुए नदी के जल को प्रवाह मिला।
हनुमान घाट पर मौजूद पुल के मलबे का अवरोध शुक्रवार की शाम को पूरी तरह से हटा लिया गया। इस कामयाबी से प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अभियान में शामिल सामाजिक संगठनों का उत्साह बढ़ा है। नदी के प्रवाह को देखने के लिए शाम को लोगों की भीड़ जुटी रही।
शुक्रवार को नगर क्षेत्र के हनुमानघाट पर काफी तेजी से टूटे पुल के मलबे को हटाने का काम चला। मलबे को हटाने के बाद वहां पर टीले नुमा जमे बालू को भी श्री तमसा सेवा मिशन के पदाधिकारियों ने श्रमदान कर हटाया। जिसके बाद देर शाम को नदी को नया प्रवाह मिला। इसी के साथ हनुमानघाट पर भी टूटे पुल के मलबे को तोड़ने का कार्य दिन-रात जारी है। शुक्रवार को भी टूटे पुल के मलबे को रतनपुरा ब्लाक के सफाई कर्मचारियों, रोटरी क्लब के सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हटाया।
इसके साथ ही मड़ईयाघाट पर भी नदी को प्रवाह देने के लिए जेसीबी मशीन से खुदाई की खोदाई जारी है। शुक्रवार को एडीएम शिवकुमार शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय, एसडीएम जगदंबा सिंह सहित कई अधिकारियों ने तीनों घाटों का निरीक्षण किया। शाम को भी हनुमानघाट पर मलबा पूरी तरह से हटने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय वहां पहुंचे और पानी का प्रवाह देखा। कहा कि चलाए जा रहे अभियान की हनुमान घाट पर टूटे पुल का मलबा पूरी तरह से हटना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने लोगों से अपील किया कि वे अपना श्रमदान कर तमसा की सफाई में सहयोग करें।