पूर्वांचल समाजवादी एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए तहसील क्षेत्र में पड़ने वाली जमीनों की जांच की कार्यवाई शुरू हो गई है। शासन द्वारा सर्वे के बाद मार्ग में पड़ने वाले गांवों में से आठ गांवों के कुल 237 गाटों के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। शासन के निर्देश पर छ: गांवों में पड़ने वाले गाटों के बारे में रिपोर्ट भेज दी गई है। अन्य गांवों की भूमि की नवैयत (मालियत) की जांच चल रही है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए कवायद शुरू हो गई है। पूर्व में इस एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए कराये गये सर्वे के आधार पर पहले चरण में मुहम्मदाबाद गोहना व रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के मुबारकपट्टी, लखनपुरा, दतौली, खरेंवां, चाल्हा, तियरा, सादीपुर व पोंछा गांवों के कुल 237 गाटों के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है।
इसमें से चाल्हा व तियरा को छोड़कर शेष गांवों के गाटों के बारे में रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। इस बारे में जानकारी देते हुए नायब तहसीलदार दिनेश ने बताया कि कार्यदायी संस्था यूपिडा द्वारा मांगी गयी रिपोर्ट के आधार पर रास्ते में पड़ने वाले इन गांवों के लगभग 12 हेक्टेअर जमीनों की नवैयत व मालिकाना हक व प्रभावित किसानों के बारे में जांच कर रिपोर्ट शासन में भेज दी गयी है। कहा कि जांच में अभी तक मात्र दो स्थानों पर निजि मकान या नलकूप भवन निर्मित होना पाया गया है।
बता दे कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र के दतौली, नगपुर, माहपुर, जमुई, मालव हाफिजपुर आदि गांवों के सिवान से होकर गुजरेगा जो राजधानी लखनऊ को बिहार बार्डर तक बलिया के भरौली तक जोडे़गा। इस एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास अक्टूबर माह में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा किया जाएगा। इसके लिए किसानों की भूमि की जांच व मुआवजा को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी गई है।