गोंड जाति के प्रमाणपत्र के लिए विगत 28 जनवरी से धरना पर बैठे लोगों ने जिलाधिकारी से वार्ता के बाद मंगलवार की शाम आठ बजे समाप्त हो गया। आवेदन की जांच के बाद जिलाधिकारी ने 15 दिन में प्रमाण पत्र जारी करने का आश्वासन दिया है।
धरना का नेतृत्व कर रही अनुष्का, मुस्कान और कृपाल ने बताया कि जिलाधिकारी के बुलावे पर पांच सदस्य टीम से दो चरणों में वार्ता हुई। इसमें सभी तहसीलों के तहसीलदार, जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी मौजूद रहे।
मुहम्मदाबाद गोहना तहसीलदार के एक सप्ताह तक छुट्टी पर होने के कारण प्रशासन ने 15 दिन का समय निर्धारित किया है। अनुसूचित जनजाति प्रमाण के लिए आवेदन पत्रों की जांच की जाएगी और 15 दिन के अंदर प्रमाण पत्र जारी करने का आश्वासन मिला है।
इस आधार पर धरना स्थगित किया गया है। प्रमाणपत्र के लिए बीते 28 जनवरी से दर्जनों छात्र छात्राएं, महिला और पुरुष धरने पर बैठे हैं। छठवें दिन सोमवार को 16 छात्र छात्राएं 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठ थे, जो मंगलवार की सुबह 11 बजे समाप्त हो गया था।
डीएम के बुलावे पर अनुष्का, मुस्कान, रोहित, कृपाल सहित पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। इससे पहले सोमवार की शाम एडीएम सत्यप्रिय सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर छात्र छात्राओं से बात की थी।
15 दिन का समय मांगते हुए धरना समाप्त करने का आग्रह किया था, लेकिन वो बिना प्रमाणपत्र जारी किए उठने से इनकार कर दिए थे। इस दौरान प्रमाणपत्र जारी करने के लिए एडीएम को पांच आवेदन सौंपे गए, जिसकी जांच कराने के बाद एडीएम शाम सात बजे पुन: लौटे और सर्वे कराने का आश्वासन दिया।
धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि इससे पहले भी प्रशासन ने तीन बार आश्वासन देकर उनका धरना समाप्त कराया और हर बार उनके साथ नाइंसाफी की गई।