मऊ। डीएम आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार की शाम कैंप कार्यालय स्थित सभागार में पीएम आवास योजना शहरी 2.0 और पीएम स्ट्रीट वेंडर्स योजना की निकायवार और बैंकवार प्रगति की समीक्षा की। आंकड़ों में अंतर मिलने पर आवास सत्यापन में लापरवाही करने वाले लेखपालों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी।
बैठक में पीएम आवास योजना शहरी के लिए तहसीलों और निकायों में प्राप्त आवेदनों, उनके सत्यापन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। परियोजना निदेशक डूडा अरविंद पांडेय ने बताया कि जांच के लिए 46 हजार 886 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं।
जिनमें से 10 हजार 890 आवेदन तहसील स्तर और 14 हजार 431 आवेदन निकाय स्तर पर सत्यापन के लिए लंबित हैं। तहसील और निकाय स्तर के आंकड़ों में अंतर पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निकायों से प्राप्त सभी आवेदनों का पुनः परीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए। मुहम्मदाबाद गोहना और मऊ सदर तहसीलों के अंतर्गत नगर निकायों में सत्यापन कार्य लंबित पाया गया। डीएम ने केवल पात्र व्यक्तियों को ही योजना का लाभ देने और अपात्र व्यक्तियों को किसी भी दशा में लाभान्वित न करने को कहा।
जियो टैगिंग की समीक्षा में बताया गया कि 5180 आवासों की जियो टैगिंग तुलना में 1005 आवासों की जियो टैगिंग अभी शेष है। संवाद