मऊ। कोरोना के चलते लगातार दो माह से अधिक समय से मिठाई की दुकानों के बंद रहने के चलते मिठाई कारोबार दम तोड़ रहा है। इसके चलते लाखों का नुकसान पड़ा है। कई कारोबारियों को कर्मचारियों का भी खर्च उठाना पड़ रहा है। चौथे चरण के लाकडाउन में रोस्टर से कुछ दुकानें खुल तो रही हैं, लेकिन मिठाई की दुकानों पर निर्णय न होने से कारोबार से जुड़े लोगों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। कारोबारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।नगर सहित जिले में चार हजार मिठाई की दुकानें हैं। कारोबार से लगभग 10 हजार से अधिक लोग जुड़े हैं। मिठाई कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार लोगों की हालत बेहद खराब है। लाकडाउन हुआ था तो स्टाक में रखी मिठाइयों को बांट दिया गया था। या फिर वह खराब हो गई थीं। बड़ी दुकानों में 10 हजार से 20 हजार से अधिक की मिठाइयां खराब हुईं। बैंक से कर्ज लेकर दुकान खोलने वाले कारोबारियों को अब ईएमआई और ब्याज की चिंता सता रही है। चौथे लाकडाउन में जिला प्रशासन की तरफ से कुछ दुकानों को रोस्टर के अनुसार खोलने का आदेश दिया है, लेकिन मिठाई की दुकानों के खोलने पर निर्णय ही नहीं हो सका है। कारोबारियों की मानें तो मार्च, अप्रैल, मई और जून कमाई का सीजन होता है। इस मौसम में काफी शादियां होती हैं, जिससे खूब आर्डर मिलते हैं। लेकिन इस बार सभी बुकिंग कैंसिल हो गईं। अभी नहीं लगता कि आने वाले दिनों में भी स्थिति सुधर पाएगी। कारोबारी दुर्गेश मद्देशिया का कहना है कि लगातार दो माह से अधिक समय से दुकानें बंद चल रही है। कर्मचारियों का खर्च वहन करना पड़ रहा है। कब दुकान खोलने का आदेश होगा। पता नहीं चल पा रहा है। रोस्टर के हिसाब से सोशल डिस्टेंसिंग के तहत दुकान खोलने की अनुमति दी जाए। कारोबारी प्रिंस गुप्ता का कहना है कि लगातार चार चरण के लाकडाउन से काफी नुकसान उठाना पड़ा है। रोस्टर के हिसाब से जिस तरह से अन्य दुकानों को सोशल डिस्टेंसिंग से दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है। उसी तरह मिठाई दुकान खोलने के लिए अनुमति दी जाए।
कारोबारी दीपक मद्देशिया का कहना है कि लगातार दो माह से अधिक समय से दुकान बंद रहने से आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। सोशल डिस्टेंसिंग के तहत दुकान खोलने की अनुमति दी जाए। कारोबारी कार्तिक मोदनवाल का कहना है कि लंबे समय से मिठाई की दुकानें बंद चल रही है। ऐसे में प्रतिदिन काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। आर्डर भी कैंसिल हो गए। नियमों के तहत दुकान खोलने की अनुमति दी जाए। कर्मचारी अरविंद गुप्ता का कहना है कि काफी समय से दुकान बंद रहने के चलते काम नहीं मिल पा रहा है। इससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन की तरफ से सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दुकान खोले जाने क ा आदेश दिया जाए।