घोसी कोतवाली क्षेत्र के बैसवाड़ा मुहल्ला निवासी दंपति हत्याकांड में पुलिस कई बिंदुओं पर छानबीन कर रही है। पुलिस को घर के भीतर आलमारी टूटी हुई मिली और सामान बिखरे थे। इससे लूट के लिए हत्या से पुलिस का इंकार नहीं है। इसके अलावा शक के दायरे में बहू भी है।
उसका वृद्ध दंपती से मुकदमा चल रहा है। इसके अलावा मजदूरों पर भी पुलिस की नजर है। घटना की सूचना मिलने के बाद बोकारो से वृद्ध का इकलौता पुत्र भी घर के लिए चल दिया है।
घोसी कोतवाली क्षेत्र के बैसवाड़ा निवासी अकील अहमद रेलवे विभाग में नौकरी से पांच साल पहले रिटायर हुए थे। सेवानिवृत्त के बाद संयोग से उनके पुत्र नसीम अख्तर को भी रेलवे विभाग में ही नौकरी मिल गई। वह इन दिनों बोकारो में तैनात है। घर पर अकील पत्नी शकीला के साथ रहते थे।
उनकी दो पुत्रियां शादी के बाद अपने-अपने ससुराल चलीं गईं। घर पर इन दिनों एक कमरे का पांच दिन पूर्व से निर्माण हो रहा था। यहां पर पांच से छह मजदूर प्रतिदिन कार्य करते थे। घटना के दिन भी कुछ मजदूर आए थे, लेकिन कुछ का पता नहीं था। जो आए थे वह भी घटना की जानकारी होने पर चले गए।
बताया जाता है कि अकील के इकलौता पुत्र नसीम अख्तर की शादी मुहम्मदाबाद गोहना के भुईलीपुर में हुई थी। पति-पत्नी के बीच अच्छे संबंध न होने के चलते दोनों में तलाक का मुकदमा भी चल रहा था। किसी बात को लेकर बहू के मायके वालों ने नसीम अख्तर और उसके मां-बाप को धमकी दी थी।
पुलिस इस बिंदू को भी महत्वपूर्ण मान रही है। लेकिन मकान के भीतर कोई कैसे दाखिल हुआ होगा, इसको लेकर पुलिस माथापच्ची कर रही है। ज्यादा संभावना किसी नजदीकी के रंजिश की लग रही है।
लूट की घटना भी पुलिस का विषय है। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी विश्वजीत सिंह का कहना है कि घटना में कई टीमें अलग अलग बिंदुओं पर कार्य कर रही हैं। पुलिस की हर बिंदुओं पर नजर है। जल्द ही असली राज सामने आ जाएगा।