मऊ। उमस और गर्मी में डायबिटीज के मरीजों में शुगर का लेवल बढ़ रहा है। पानी की कमी, तनाव और गर्मी से काम प्रभावित हो रहा है। थकावट व सुस्ती की समस्या से लोग ग्रसित हो रहे हैं। नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार और पर्याप्त मात्रा में लिक्विड लेने से इससे बचा जा सकता है। जिला अस्पताल में शुगर बढ़ने की समस्या को लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। रोजाना करीब 40 से 50 मरीज आ रहे हैं। डॉक्टर परीक्षण व जांच के बाद दवा दे रहे हैं। साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संजय सिंह ने बताया कि बीते कुछ दिनों से लगातार तापमान बढ़ने से स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। डायबिटीज के मरीजों का शुगर लेवल बढ़ रहा है, जिससे उन्हें दिक्कत होती है। बताया कि उमस और गर्मी से शरीर से अधिक पसीना निकलता है। इससे एनर्जी लास होती है और पानी की कमी हो जाती है।
इससे डायबिटीज के मरीजों के ब्लड में ग्लूकोज का स्तर अधिक केंद्रित हो जाता है और ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। ब्लड में पर्याप्त पानी की मात्रा न होने से ब्लड गाढ़ा हो जाता है, जिससे मरीज अचानक बेहोश हो सकता है और लगवा ग्रस्त भी हो सकता है। गर्मी से तनाव भी बढ़ सकता है। इससे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो खून में शुगर को बढ़ाता है, जबकि गर्मी के कारण ब्लड नलियां फैल जाती हैं। उधर जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों बढ़ गए हैं। इनमें बीपी और शुगर के मरीज पहुंच रहे हैं।
बुधवार को जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार और दूसरे चिकित्सकों द्वारा 150 से अधिक बीपी और शुगर मरीजों की जांच की। वहीं इस दौरान पेट दर्द से पीड़ित 80, बुखार के 70 के अलावा उल्टी-दस्त व अन्य बीमारी के मरीज रहे। सीएमएस डॉ. धन्नजय कुमार ने बताया कि गर्मी के कारण पसीना अधिक निकलता है, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन हो जाता है। शरीर में नमक की कमी हो जाती है। इससे कुछ लोगों में चिड़चिड़ापन, बुजुर्ग बात भूलने, इधर-उधर की बात करने लगते हैं। गर्मी में पानी का अधिक सेवन करें। बीपी और शुगर के मरीज नियमित दवा लें।
बरतें सावधानी
- धूप से बचें और बेवजह बाहर न निकलें।
- पानी का अधिक सेवन करें
- खीरा, तरबूज, ककड़ी, हरी साग-सब्जी का सेवन करें।
- हल्का भोजन करें।
- बीपी, शुगर व अन्य बीमारी से ग्रसित मरीज समय से दवा लें।