मऊ। शहर कोतवाली क्षेत्र के रोडवेज-स्टेशन मार्ग पर मंगलवार की देर शाम ईंट से कूंचकर हिस्ट्रीशीटर की हत्या के मामले में पुलिस ने आठ नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। वहीं पुलिस तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। यह मुकदमा मृतक साथी रणधीर ने दर्ज कराया।
बुधवार को पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सुपर्द कर दिया। वहीं इस हमले में बचे रणधीर ने स्टेशन जाने से पहले हमलावरों को शीतला माता मंदिर के पास देखने की बात कही, लेकिन गुलशन और वह उनके इरादे को भांपने में विफल रहे और इस घटना के शिकार हो गए। दूसरे दिन पुलिस घटना को लेकर सीसीटीवी कैमरे और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।
एसपी इलामारन जी ने बताया कि शहर कोतवाली पुलिस ने मंगलवार की रात हुई घटना में मृतक गुलशन के साथी रणधीर की तहरीर पर कमलेश यादव, राजेश, तेज बहादुर, अमरनाथ , हिमांश, आकाश, रितेश सोनकर, रोहित के साथ तीन -चार अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मुकदमे में रणधीर ने बताया कि जब वह दोनों निकले तो आरोपियों को एक साथ शीतला माता मंदिर के पास दिखे, लेकिन उनके इरादे को भांप नहीं सके।
बताया कि जब वह रोडवेज की तरफ जैसे ही स्टेशन मार्ग पर रामलीला मैदान के करीब पहुंचे थे कि कई बाइक से आए बदमाशों ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद वह दोनों उठे और बड़ी संख्या में हमलावरों को देखकर भागने लगे। रणधीर ने बताया कि वह तो भागने में सफल रहा लेकिन गुलशन को आरोपियों ने पकड़ लिया और उस पर हमला करने लगे। कुछ देर बाद जब इस घटना को देखकर लोगों ने शोर मचाया तो आरोपी भाग निकले, उसके बाद घायल गुलशन को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रणधीर ने बताया कि आरोपियों ने गुलशन और एक अन्य को हत्या के फर्जी मामले में फंसाया था, लेकिन कोर्ट ने गुलशन को बरी कर दिया था। कोर्ट से बरी होने के बाद से ही सभी आरोपी गुलशन को लगातार धमकी दे रहे थे।