अमिला। कभी चाय की मिठास बढ़ाने वाली चीनी अब आम आदमी की जेब का स्वाद बिगाड़ने लगी है। बीते करीब एक महीने में चीनी के दाम में जबरदस्त उछाल आया है। खुदरा बाजार में इसकी कीमत 46 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। महज एक माह में करीब 19 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी ने घरों के बजट के साथ ही दुकानदारों और छोटे-बड़े चाय कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है।
चीनी की कीमत में अचानक आई तेजी का सबसे अधिक असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जहां इसका रोजाना इस्तेमाल होता है। चाय से लेकर मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की लागत बढ़ने लगी है। ऐसे में आम लोगों को अब घरेलू खर्च का संतुलन बनाए रखने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। चीनी के दाम बढ़ने से चाय की दुकानों और मिठाई कारोबारियों की लागत भी बढ़ गई है। एक महीने में चीनी के भाव में करीब 19 रुपये प्रति किलो का उछाल बाजार में महंगाई के दबाव को दर्शा रहा है। फिलहाल चीनी की बढ़ती कीमत ने मिठास को आम आदमी के लिए कुछ और महंगा जरूर कर दिया है।
घर का खर्च पहले ही लगातार बढ़ रहा है। रोजमर्रा की जरूरत की चीनी के दाम में इतनी तेजी से बढ़ोतरी होने से महीने का बजट संभालना मुश्किल हो रहा है। सुरेमा देवी, गृहिणी
थोक बाजार में लगातार भाव बढ़ने से खुदरा कीमत भी बढ़ानी पड़ रही है। ग्राहक महंगी चीनी खरीदने से बच रहे हैं लेकिन लागत बढ़ने के कारण व्यापारी भी पुराने भाव पर बिक्री नहीं कर सकते। सुरेश, किराना व्यापारी
चीनी के साथ दूध, चायपत्ती और अन्य सामान के दाम पहले से बढ़े हैं। कीमत बढ़ाएं तो ग्राहक नाराज होते हैं और न बढ़ाएं तो कमाई पर असर पड़ता है। -सोनू गुप्ता, चाय दुकानदार
46 रुपये किलो मिलने वाली चीनी अब 65 रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह कीमत बढ़ती रही तो आम लोगों के लिए रोजमर्रा का सामान खरीदना भी मुश्किल हो जाएगा।-सुनील कुमार, ग्रामीण