जिले के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को पढ़ाई के साथ पर्यावरण संरक्षण की भी सीख देने की प्रक्रिया को मजबूत और सक्रिय बनाया जाएगा। इसके लिए विद्यालयों में बनाए गए ईको क्लबों को सक्रिय करते हुए उनसे जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
जिले के 1208 परिषदीय विद्यालयों में लगभग 1.30 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। क्लब के जरिये छात्र-छात्राओं को पौधरोपण, स्वच्छता, जल संरक्षण और प्रकृति से जुड़ी गतिविधियों में शामिल करते हुए पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाया जाएगा।
इसके साथ ही उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और टीम के साथ काम करने की भावना भी विकसित की जाएगी। ईको क्लब के तहत छात्र-छात्राओं को पौधरोपण, वर्षा जल संरक्षण, स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्त परिसर, कचरा प्रबंधन और जैव विविधता संरक्षण जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
विद्यालयों में समय-समय पर रैली, चित्रकला, निबंध, पोस्टर निर्माण और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। अधिकारियों की मानें तो इस पहल से बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की जानकारी व्यावहारिक तरीके से दी जाएगी। इससे बच्चों में प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे पर्यावरण बचाने में अपनी भागीदारी निभाना सीखेंगे।
इस बाबत नगर शिक्षा अधिकारी रजित लाल रत्नाकर का कहना है कि ईको क्लब के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की जानकारी व्यावहारिक तरीके से दी जाएगी।
इससे उनमें प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे पर्यावरण बचाने में अपनी भागीदारी निभाना सीखेंगे। सभी परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।