उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ ने मांगों कोे लेकर सोमवार से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने कार्य बहिष्कार कर सभा की और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला सुनाया। जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी-पीएचसी से आए 600 से ज्यादा कर्मचारियों ने दिनभर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी किया और सरकार की नीतियों को कोसा। चेताया भी कि यदि अभी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष सतीश सिंह के अगुवाई में सुबह 10 बजे जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय, महिला जिला अस्पताल सहित सभी 9 सीएचसी और जिले के 38 पीएचसी में तैनात संविदा कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर सीएमओ कार्यालय पहुंचे। इस दौरान चार सूत्री मांगों को लेकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि मांगे पूरी न होने से सभी संविदा कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर रहेंगे। शैलजाकांत पांडेय, मनोज सिंह ने कहा कि कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं
वहीं एक साथ सभी संविदा कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के चलते इसका असर स्वास्थ्य सुविधा पर पड़ा। इसका सबसे ज्यादा असर सीएचसी पीएचसी केंद्रों पर देखने को मिला। यहां चिकित्सकों के न बैठने से मरीजों को परेशानी हुई। जबकि आशा कार्यकर्ता भ्ाी महिला मरीजों को लेकर अस्पताल नहीं गईं।
बताते चले कि संविदा कर्मचारियों ने सामान कार्य सामान वेतन, आउट सोर्सिग/ ठेका प्रथा पर रोकथाम, संविदा कर्मचारियों का स्थायी समायोजन तथा आशा कार्यकर्ताओं को मासिक मानदेय 10 हजार रुपये प्रतिमाह की मांग को लेकर 18 जनवरी को डीएम को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया था। जिसमें 20 जनवरी तक मांगे पूरी न होने पर 21 जनवरी से बेमियादी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई थी।
हड़ताल को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष पीएन सिंह, मंत्री अविनाश सिसोदिया, राजकीय कुष्ठ कर्मचारी संघ के मंत्री शिवकुमार सिंह और फिजियोथेरेपिस्ट संघ के सदस्य विवेक तिवारी ने समर्थन दिया। प्रदर्शन में राजीव कुमार राय, डॉ. संजय सिंह, डॉ. अश्वनी सिंह, डॉ. प्रज्ञा सिंह, डॉ. मधु राय, रविंद्र नाथ,दुर्गाप्रताप सिंह, ओम विजय, कृष्णा राय, सोनू, रानी, आशा, अंकिता दुबे मौजूद रहे।