चिरैयाकोट के बूढान वार्ड में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार को कथावाचक गंगोत्री महाराज ने मानव के अच्छे कर्मों से मिलने वाले पुण्यों के बारे में प्रवचन दिया। प्रवचन देते हुए कथावाचक ने कहाकि मानव योनि में जन्म सबको नही मिलता। यह तभी संभव है जब पिछले जन्म के अच्छे कर्मो और भगवान की कृपा आप पर बनी हो। कहाकि मानव जन्म श्रेष्ठ जन्म माना जाता है, भगवान के लिए कोई भक्त छोटा या बड़ा नही होता उसके उसके कर्म व उसकी भक्ति ही उसे छोटा बड़ा बनाती है। इस दौरान उपस्थित श्रद्वालुओं को गंगोत्री महाराज ने भगवान शिव और माता पार्वती की कथा सुनाते हुऐ कहाकि कभी भी बिन सम्मानपूर्वक बुलाए कही नही जाना चहिए। कहाकि एक बार माता पार्वती के मायके में उनके पिता ने एक यज्ञ करवाया, लेकिन उसमें उनके द्वारा न तो माता पार्वती को आमंत्रित दिया गया न ही उनके पति महादेव को। इसके जानकारी जब माता पार्वती को हुई तो वो बिना आमंत्रण के ही अपने मायके चली गई, जहां उन्हें बिना बुलाए आने पर काफी तिरस्कार का सामना करना पड़ा। कहाकि इसलिए सुख में बिना आमंत्रण के नहीं जाना चाहिए, जबकि दुख में आमंत्रण आने का इंतजार नहीं करना चाहिए। भागवत में बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।