आपराधिक है इतिहास
बताया कि एसटीएफ को सूचना मिली कि पुलिस से बचने के लिए नेपाल में रह शातिर रतन सोनकर कुछ दिन पहले ही बिहार के कटिहार जिले में रह रहा है। सूचना पर एसटीएफ के उपनिरीक्षक फैजुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में शैलेन्द्र कुमार उपाध्याय, सुनील मिश्रा, श्रीकृष्ण गिरि, सुधीर कुमार की एक टीम शुक्रवार की शाम पांच बजकर 15 मिनट पर कटिहार जिले के लरकनिया टोला से उसे गिरफ्तार किया। यहां वह फर्जी नाम रखकर रह रहा था।
पकड़ा गया बदमाश ने बताया कि वह अप्रैल 2018 में शहर कोतवाली क्षेत्र के मठिया टोला में किराए के घर में रहता था। जहां वह वैवाहिक कार्यक्रम में सजावट का काम करता था, जहां इसके पड़ोस में रहने वाले करन सोनकर भी इसके साथ काम करता था।
पैसे की लेनदेन को लेकर करन से विवाद हो गया। जिस पर रतन ने अपने साथी शिवकुमार साहनी के साथ मिलकर पांच अप्रैल 2018 को फोन करने करन सोनकर को सुनसान जगह पर बुलाया और चाकू से गला काटकर हत्या कर दिया। इस मामले में वह जेल गया था, जहां जेल से बाहर आने के बाद आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया।जिले में कोपागंज पुलिस ने गैंगस्टर की कार्यवाही होने पर यह नेपाल भाग गया था और वहीं पर छिपकर रहने लगा था। इस बीच वह कुछ दिन पूर्व ही बिहार आया था।