कलेक्ट्रेट पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यक्रम के लिए बन रहा वाटरप्रूफ टेंट गुरुवार को हल्की बारिश भी नहीं झेल सका। बारिश के कारण पूरी तरह से कार्यक्रम स्थल जलमग्न हो गया । वहीं पूरे वाटरप्रूफ पंडाल पानी पानी हो गया। इस दौरान मजदूर मंच और पंडाल निर्माण कार्य में लगे रहे।
बताते चले कि 31 अगस्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव का कार्यक्रम प्रस्तावित है। वे कम्युनिस्ट नेता, पूर्व सांसद और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जयबहादुर सिंह और झारखंडे राय की प्रतिमा का अनावरण करने आ रहे हैं।
इस दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और कई शिलान्यास भी किए जाने की संभावनाएं है। ऐसे में उनके कार्यक्रम के लिए करीब एक करोड़ से अधिक रुपए की लागत से बन रहे वाटरप्रूफ टेंट की गुरुवार को पोल उस वक्त खुल गई।
जब हल्की बारिश होने पर टेंट के अंदर पानी लग गया। वहीं बारिश के कारण मंच के सामने बनने वाले डी एरिया भी जलमग्न हो गया। ऐसे में क्या माना जाए।
अगर कार्यक्रम के दिन भी हल्की या फिर जोरदार बारिश हुई तो क्या यह वाटरप्रूफ टेंट उसको झेल पाएगा। वहीं लोग सवाल उठाते देखे गए कि अगर इतनी बड़ी रकम खर्च करके यह वाटरप्रूफ टेंट लगाया गया है तो फिर उसके अंदर पानी कहां से आ रहा है।
फिलहाल टेंट के अंदर गुरुवार को भी नगर पालिका के कर्मचारी पानी भरे होने के बावजूद घास काटते दिखे। सीसी मंच के निर्माण के लिए भी मजदूर काफी तेजी से लगे रहे।