मऊ। प्रदेश के गाजीपुर, बलिया तथा प्रयागराज में नदी में शवों के मिलने पर शासन के निर्देश पर जिले के हर निकाय में एक विशेष निगरानी समिति बनाई गई। जिसका अध्यक्ष निकाय का चेयरमैन तथा संयोजक सचिव ईओ तथा सदस्यों में सफाई एवं खाद्य निरीक्षक तथा दस नामित सदस्यों द्वारा अपने अपने निकायों में शवों के अंतिम संस्कार पर निगरानी रखी जाएगी। इस समिति के सदस्यों की जिम्मेदारी होगी, किसी घाट पर शवदाह नहीं हो पाए। इतना ही नहीं किसी व्यक्ति द्वारा शव का अंतिम संस्कार करने में सक्षम न होने पर निकाय द्वारा शव का अंतिम संस्कार कराया जाएगा।
नगर पालिका मऊ के ईओ संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि शासन द्वारा मिले पत्र पर नगर में विशेष निगरानी समिति का गठन किया जा चुका है। इसमें नगर पालिकाध्यक्ष तैयब पालकी अध्यक्ष तथा संयोजक सचिव के पद पर वो खुद है। इसके अलावा सदस्य में सफाई एवं खाद्य निरीक्षक नरेश कुमार तथा चेयरमैन द्वारा नामित दस सदस्यों में दस सभासदों को चुना गया है।
नपाध्यक्ष तैयब पालकी ने बताया कि इस समिति का गठन का उद्देश्य है कि समिति निगरानी करते हुए किसी भी स्थिति में शव को न तो जल में प्रवाह किया जाए न ही जल समाधि दी जाए। कहा कि अगर किसी व्यक्ति की मौत कोविड संक्रमण से हो तो निकाय उसका अंतिम संस्कार निशुल्क कराए। बताया कि यह व्यय एक प्रकरण में अधिकतम पांच हजार रुपये तक होगा। कहा कि समिति का गठन होने के बाद बीते 17 मई को समिति की बैठक भी हुई। जिसमें शासन के मंशानुसार सभी सदस्यों को अपने अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर शवों को प्रवाहित करने से रोकने के लिए निर्देश दिया गया। वहीं शासन के निर्देश पर जिले के अन्य नगर पंचायत कोपागंज, अदरी, चिरैयाकोट, वलीदपुर, मुहम्मदाबाद गोहना, अमिला, मधुबन, कुर्थीजाफरपुर, दोहरीघाट तथा घोसी में समिति का गठन की कवायद हो चुकी है।