मऊ। जिला मुख्यालय पहुंचकर 20 अगस्त को जिले का कार्यभार ग्रहण करने वाले पुलिस अधीक्षक मनोज सोनकर मुख्तार गिरोह के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने में विफल रहे। कार्य में बेहतर परफार्मेंस न दिखाने का कारण शासन से उनका स्थानांतरण कर दिया गया। इसके पीछे कारण माना जा रहा कि जिले का चार्ज लेने से पूर्व एक दुर्घटना में मनोज कुमार सोनकर का हाथ टूटना था। इसके चलते उन्होंने उच्चाधिकारियों से मऊ से हटाने की सिफारिश की थी।
अनुराग आर्य के स्थान्तरित होने के बाद 20 अगस्त को मनोज सोनकर ने बतौर पुलिस अधीक्षक जिले का कार्यभार ग्रहण किया। लेकिन यहां आने से पूर्व किसी दुर्घटना में उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद मनोज सोनकर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य द्वारा मुख्तार गैंग के विरुद्ध की गई कार्रवाईयों को आगे बढ़ा सकें। जबकि समीक्षा करने के लिए आए आईजी जोन वाराणसी ब्रजभूषण शर्मा ने जिला पुलिस के लिए कुछ लक्ष्य निर्धारित किया था। इन पर काम शुरू नहीं होना भी एक कारण माना जा रहा।
विभागीय सूत्रों की मानें तो बीते दिनों अपराधियों के विरुद्घ शुरु होने वाली निरुद्धात्मक कार्रवाई के बाबत किसी उच्चाधिकारी ने फोन पर एसपी से वार्ता की। इस दौरान एसपी ने अपने स्वास्थ्य का हवाला देकर खुद को यहां से बदल देने की सिफारिश किया था। इस क्रम में देर रात शासन से जारी स्थानांतरण की सूची में अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ एसपी मऊ मनोज कुमार सोनकर को स्थानांतरित कर उन्हे कासगंज भेजा गया। साथ ही वहां के एसपी धुले सुशील चंद्र भान को मऊ का प्रभार सौंपा गया। एसपी धुले सुशील वर्ष 2012 बैंच के आईपीएस है। विभागीय सूत्रों से पता चला कि मंगलवार को जिला पहुंचकर एसपी कार्यभार ग्रहण करेंगे।