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Mau News: घट गई साइज, प्लेट की कमी से पॉकेट साइज में मिल रही है एक्सरे फिल्म

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रजनीकांत पांडेय
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मऊ। जिले के सबसे बड़े 100 बेड के अस्पताल में प्लेट की कमी से पॉकेट साइज की एक्सरे फिल्म दी जा रही है। कई दिनों से एक्सरे कराने वाले मरीज रिपोर्ट देखकर हैरान जा रहे हैं, उन्हें छोटे साइज की एक्सरे रिपोर्ट दी जा रही है। अस्पताल प्रबंधन इसके पीछे प्लेट न होने और बजट की कमी के चलते इस साइज में एक्सरे रिपोर्ट देने की बात कह रहा है। वहीं इस रिपोर्ट को लेकर जिला अस्पताल के डॉक्टर खुद परेशान हो चुके हैं।वहीं कई मरीज तो रिपोर्ट को देखकर भले ही दुबारा निजी अस्पताल में एक्सरे करा रहे हैं। वहीं मंगलवार को अस्पताल प्रबंधन की ओर से 50 बंडल प्लेट मंगवाने का दावा किया गया है।
जिला अस्पताल की ओपीडी इन दिनों 800 से ज्यादा मरीज आते हैं, इसमें 250 मरीज ऐसे हैं इनकी जांच होती है। इसमें 40 फीसदी एक्सरे की जांच होती है। वर्तमान में करीब तीन माह यानी बीते नवंबर माह से यहां आने वाले मरीजों को प्लेट की कमी के चलते एक्सरे की एक प्लेट में नौ इमेज निकाली जा रही है, जबकि पहले एक प्लेट में चार इमेज निकाली जाती थी। उधर, प्लेट की कमी को देखते हुए एमआर यानी मैनुअली एक्सरे मशीन से केवल मेडिको लीगल मामले में ही जांच की जा रही है। उधर कई मरीज ऐसे हैं जो कि पॉकेट साइज एक्सरे रिपोर्ट को देखकर बाहर से जांच करा कर डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं। वहीं पॉकेट साइज में एक्सरे रिपोर्ट देखकर डॉक्टर भी परेशान हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन के इस फैसले को लेकर नाराजगी मरीजों के सामने ही जाहिर कर रहे हैं। मंगलवार अमर उजाला की टीम ने जब शिकायत की जांच करने चहुंचे तो नगर के डोमनपुरा निवासी आसमा खातून, रहजनिया निवासी प्रदीप कुमार राय, मुंगेश्वर निवासी मंगलदेव मौर्या ने बताया कि वह अस्पताल में दो अलग अलग डॉक्टरों के यहां उपचार कराने आए, जहां डॉक्टर ने सीने, स्पाइन और पेट का एक्सरे लिखा था। लेकिन जब वह रिपोर्ट लेने पहुंचे तो पहली बार पॉकेट साइज में रिपोर्ट देखकर चौंक गए, पूछने पर स्वास्थ्यकर्मियों ने एक्सरे प्लेट न होने की बात कहकर ऐसी ही रिपोर्ट दूसरे मरीजों को देने की बात कही। इसमें मंगलदेव, प्रदीप ने बताया कि उन्होंने बेहद छोटे साइज में रिपोर्ट देखकर बाहर से दुबारा एक्सरे कराया, इसके बाद डॉक्टर को दिखलाया।
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कोट
मामला संज्ञान में है, ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि बजट के अभाव में प्लेट की कमी बनी हुई है। मरीजों को दिक्कत न हो उसके लिए यह सुविधा शुरू की गई है, जिससे आने वाले मरीजों को परेशानी न हो। बताया कि बजट न होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने स्थानीय स्तर पर 50 बंडल प्लेट की व्यवस्था की है। पॉकेट साइज में मिल रही रिपोर्ट की गुणवत्ता पर उन्होंने बताया कि इससे कोई दिक्कत नहीं होती है।
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डॉ. धनज्जय कुमार, सीएमएस

मैनुअली केवल मेडिको लीगल में हो रहा प्रयोग
अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि प्लेट की कमी से भले ही एक्सरे इमेज की साइज छोटी कर दी गई है, लेकिन यह व्यवस्था केवल 500 एमए क्षमता के डिजिटल एक्सरे पर की जा रही है। लेकिन 300 एमए की और 100 एमए की एक्सरे मशीन पर काम नहीं किया जा रहा है। इन दोनों पर मेडिको लीगल के मरीजों की जांच की जा रही है, दोनों मशीनों पर व्यवस्था करने पर रिपोर्ट की गुणवत्ता खराब होने की संभावना है। वहीं छोटे साइज के एक्सरे रिपोर्ट पर सेवानिवृत्त चेस्ट फिजिशियन डॉ. जीएल केसरवानी का कहना है कि डिजिटल एक्सरे की एक्सपोजर और फैक्टर मानक के अनुरूप है तो छोटी साइज से कोई खास फर्क नहीं पड़ता है। लेकिन अगर इसमें खामी है तो यह रिपोर्ट दिग्भर्मित करने वाली होगी।
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