आरोग्य भारती इकाई कोपागंज के बापू आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में प्रांतीय श्री अन्न सुपोषण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि हमें अपने शरीर के समुचित पोषण के लिए अपनी शरीर की प्रकृति के विरुद्ध हितकारी तथा ऋतु और स्थान के अनुकूल आहार ही ग्रहण करना चाहिए। कहा कि कुपोषण खाद्य संकट एवं वैश्विक जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने में श्री अन्न रामबाण साबित हो सकता है।
बीज अनुसंधान निदेशालय के वैज्ञानिकों ने वैज्ञानिक विधियों से श्री अन्न उत्पादन के तरीके और विषय बीज उत्तम पैदावार सर्वोत्तम पर व्याख्यान दिया। इसी क्रम में डॉ. अरविंद श्रीवास्तव, डॉ नम्रता श्रीवास्तव ने बताया कि श्री अन्न पौष्टिकता के खजाने से भरपूर है। देश में किसानों से इसका उत्पादन बढ़ाए जाने और इसके फसल पर सरकार से सब्सिडी दिए जाने की आवश्यकता है।
इससे पहले आरोग्य भारती के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय संयोजक गोविंद, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय सह संयोजक संग्राम सिंह, गोरक्ष प्रांत अध्यक्ष डॉ. डीपी सिंह एवं गोरक्ष प्रांत संरक्षक व प्रबंध निदेशक डॉॅ. मनीष राय तथा आरोग्य भारती मऊ के संरक्षक डॉ. गंगासागर सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।
कार्यशाला में 11 जनपदों यथा गोरखपुर, बलिया, आजमगढ़, देवरिया, संत कबीर नगर, श्रावस्ती, पडरौना, महाराजगंज, बस्ती आदि जनपदों के 100 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेश यादव ने किया।