सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाइवे से हटाई गई शराब की दूकानें आस पास बस्तियों में खोल दी गई हैं। लेकिन बस्ती वाले इसे मुसीबत मानकर विरोध जता रहे हैं। जिले में कई स्थानों पर इसे लेकर विरोध प्रदर्शन हुए। अब जिला प्रशासन के समक्ष अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई है। लाइसेंसी शराब की दूकानों के लाइसेंसियों के समक्ष अब आसमान से गिरा तो खजूर पर अटका वाली स्थिति बन गई है। सदर तहसील क्षेत्र के सरायलखंसी थाने के बढुआगोदाम में अंग्रेजी, देशी और बीयर की तीन लाइसेंसी दूकानें थीं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में इन तीनों दूकानों को हटा दिया गया। लाइसेंसी इन दूकानों को पास में ही बस्ती में शिफ्ट करने की तैयारी में हैं। इसकी जानकारी बस्ती वालों को हुई तो बस्ती की काफी महिलाएं नई जगह वाली दूकानों के समक्ष एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया।उधर घोसी नगर से सटे घोसी मधुबन मार्ग पर मानिकपुर असना गांव के सैकड़ों नागरिकों ने रविवार को गांव में नई खोली जा रही शराब की लाइसें सी दूकानों के विरोध में मानिकपुर असना गांव के सैकड़ों लोग समाजसेवी नाजिम इरफ़ान अहमद तथा प्रधान रेयाज दारा,समाज सेवी इमरान व किसान नेता हिसामुद्दीन के नेतृत्व में रविवार को कोतवाली पहुंच कर गांव में पूर्व में स्थापित देशी शराब की दूकान तथा वर्तमान वित्तीय वर्ष में खोली गई देशी शराब और वीयर शाप को लेकर कोतवाली पहुंच रोष जताया।
उपजिलाधिकारी घोसी से मांग किया इन्हें मस्जिद और विद्यालयों से 500 मीटर दूर स्थापित कराया जाय। कोपागंज संवाददाता के अनुसार कोपागंज कस्वा के ओडियाना बाजार स्थित राजगद्दी के मैदान में वियर की दुकान खुलने को लेकर कस्वेवासी दुर्गा पूजा समिति के लोग काफी आक्रोशित हैं ।रविवार को कस्वे के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। सभी का कहना था कि उक्त बाजार में तीन दिन साप्ताहिक बाजार लगने के अलावा हिन्दू धर्म के सभी कार्य संपन्न होते हैं। इसे लेकर दुर्गा पूजा समिति के लोगों ने जिलाधिकारी के संबोधित प्रार्थनापत्र थानाध्यक्ष को सौंपा और इसे अन्यत्र खोलवाने की मांग की है।