एम.एससी. के बाद, उन्होंने दो साल तक रिसर्च एनालिस्ट के पद पर काम किया। फिर उन्होंने नौकरी छोड़कर भारतीय सांख्यिकी सेवा की तैयारी शुरू की। शिवानी ने मऊ में रहकर ही सेल्फ स्टडी के माध्यम से यह सफलता प्राप्त की है।शिवानी ने बताया उन्होंने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की। वह लगभग रोजाना 10 घंटे लाइब्रेरी में पढ़ाई करती थीं।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, भाई-बहन, शिक्षकों और रिश्तेदारों के सहयोग को दिया। शिवानी के दो भाई और दो बहनें हैं। उनकी एक बहन सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में असिस्टेंट मैनेजर हैं, जबकि छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है।