धान की नर्सरी डालने का समय आ गया है, लेकिन शारदा सहायक खंड 32 नहर में धूल उड़ रही है। किसान नर्सरी की तैयारी नहीं कर पाए हैं। सिंचाई के अभाव में गर्मी की सब्जी की फसल सूख रही है। निजी संसाधनों से सिंचाई करने पर कृषि लागत बढ़ रही है।
शारदा सहायक खंड 32 नहर क्षेत्र के मेऊडी कला, करऊत, गाढ़ा, मुबारकपुर, धरमागतपुर, मुहम्मदपुर बरहिया, मुंहवा, ताजपुर बारी, रतनपुरा, जोगापुर सहित विभिन्न गांवों से होकर गुजरती है। मई माह का तीसरा सप्ताह चल रहा है, लेकिन नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है।
नहर में पानी न आने से किसान नर्सरी के खेत की तैयारी तक नहीं कर पाए हैं। गर्मी की सब्जी की फसल सिंचाई के अभाव में सूख रही है। पशु-पक्षी भी पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं।
इस संबंध में क्षेत्र के नेसार अहमद, रामबडाई सिंह, मुमताज अहमद, संतोष कुमार सिंह, प्रमोद कुमार यादव, किसान नेता नरेंद्र सिंह लोहराई, रामप्यारे गौतम, मुन्ना यादव और रामप्रवेश चौहान का कहना है कि जरूरत के समय नहर में पानी ही नहीं छोड़ा जाता है।
नहर में पानी न छोड़े जाने से खेती भगवान भरोसे हो रही है। विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है। नहर में पानी अविलंब नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
इस बाबत शारदा सहायक खंड 32 के सहायक अभियंता शिवशंकर का कहना है कि नदी में पानी कम है। पंप कैनाल से 10 जून से पानी छोड़ा जाएगा।