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Mau News: बाढ़ से बचाव के लिए 1630 करोड़ से बनाए गए तटबंध, 576 करोड़ से होगा काम

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डीएम आनंद वर्द्धन ने बृहस्पतिवार को कैंप कार्यालय सभागार में 50 लाख रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा की। सीएम डैशबोर्ड के तहत चल रहे विकास कार्यों का बिंदुवार मूल्यांकन किया गया।
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बैठक में सिंचाई विभाग की ओर से मिली रिपोर्ट के अनुसार विभाग द्वारा 1630.41 करोड़ रुपये की लागत से सरयू नदी के किनारे नए तटबंध और बाढ़ से बचाव कार्य कराए गए हैं। वहीं 576 करोड़ रुपये की लागत से अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। जल निगम की प्रगति सबसे खराब पाई गई।
सभी विभागों से मिली रिपोर्ट के अनुसार जिले में 721 विकास परियोजनाएं चल रही हैं, जिनकी अनुमानित लागत 4915.77 करोड़ रुपये है। सिंचाई विभाग की कुल 31 योजनाओं की समीक्षा की गई।
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इनमें से 25 महत्वपूर्ण योजनाएं तटबंधों के सुदृढ़ीकरण और बाढ़ सुरक्षा कार्य से संबंधित पूर्ण पाई गईं, जबकि छह पर कार्य चल रहा है। विभाग को आवंटित 2206.40 करोड़ रुपये में से 1630.41 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जो लगभग 73.89 प्रतिशत है।
जल निगम ग्रामीण के तहत सबसे अधिक 552 योजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें से केवल 108 योजनाएं पूर्ण हो पाई हैं, जबकि 444 परियोजनाएं अभी भी अपूर्ण हैं।
इसके लिए 1429.01 करोड़ रुपये की स्वीकृत धनराशि में से 892.86 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए तथा 890.64 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। डीएम ने लंबित ग्रामीण पाइपलाइन परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
कार्यदायी संस्था केएलएसआर और एलसी इंफ्रा की प्रगति खराब पाई गई। अधिशासी अभियंता को इन कार्यदायी संस्थाओं से बिना जुर्माना वसूले भुगतान न करने के निर्देश दिए गए।
जल निगम शहरी के तहत सात परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिनमें से पांच पूर्ण और दो अपूर्ण पाई गईं। स्वीकृत 78.83 करोड़ रुपये में से 43.43 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जिला अस्पताल में बन रहा 100 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक 83.02 प्रतिशत भौतिक प्रगति के साथ अंतिम चरण में है।
गृह, कारागार, अल्पसंख्यक कल्याण एवं चिकित्सा विभागों से जुड़ी 17 परियोजनाओं में से 15 योजनाएं पूर्ण पाई गईं। डीएम ने थाना दोहरीघाट, चिरैयाकोट, हलधरपुर, सरायलखंसी, कोपागंज, मधुबन, मुहम्मदाबाद और घोसी में बने हॉस्टल बैरक और विवेचना कक्षों के शत-प्रतिशत पूर्ण होने पर संतोष जताया।
बाल निकेतन के पास आरओबी निर्माण कार्य 81.9 प्रतिशत प्रगति के साथ तेजी से चल रहा है, जिसकी कुल लागत 99.63 करोड़ रुपये है। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा की 46 में से 28 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जिनमें विभिन्न ग्रामीण संपर्क मार्ग शामिल हैं।
लोक निर्माण विभाग की 26 योजनाओं में से 20 योजनाएं पूर्ण हैं और विभाग द्वारा 517.18 करोड़ रुपये के बजट के सापेक्ष 435.07 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
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