मिशन शक्ति अभियान के तहत जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में शक्ति मंच का गठन किया जाएगा। इसके माध्यम से बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा दिया जाएगा।
मंच की नियमित बैठकों में विभिन्न विषयों पर रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को जागरूक किया जाएगा। जिले में 505 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं।
मिशन शक्ति अभियान के तहत माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से जागरूक करने की कवायद तेज हो गई है।
अभियान के तहत विद्यालयों में गठित होने वाले शक्ति मंच के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा, अधिकार और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। छात्र-छात्राओं के बीच सृजनात्मक लेखन, वाद-विवाद, चित्रकला, नाटक, गीत और कहानी के माध्यम से चर्चा आयोजित की जाएगी।
साथ ही आसपास की ऐसी बालिकाओं की सूची तैयार की जाएगी, जिनका विद्यालय में नामांकन नहीं हुआ है या किसी कारणवश पढ़ाई से दूर हैं। ऐसी बालिकाओं के नामांकन के लिए विद्यालय स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
बैठकों में बाल एवं महिला अधिकार, किशोरावस्था संबंधी जिज्ञासा, आत्मरक्षा के उपाय, लैंगिक समानता और समाज में प्रचलित कुरीतियों के निराकरण पर भी चर्चा की जाएगी।
इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि मिशन शक्ति अभियान के तहत सभी माध्यमिक विद्यालयों में शक्ति मंच के गठन को लेकर सभी प्रधानाचार्यों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।