मऊ। खस्ताहाल सड़कें जिले में होने वाले विकास के दावों की पोल खोल रही हैं। यह आलम तब है जब शासन ने सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का निर्देश दे कर तिथि का निर्धारण कर रखा है। अमर उजाला द्वारा जिले की रोजाना कुछ प्रमुख सड़कों की हालात को दिखाते हुए समाचार प्रकाशित कर रहा है। जिससे जिम्मेदार जनमानस को हो रही असुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सड़क का मरम्मत कराया जाए। ताकि लोगों का आवागमन सुगम हो सके।
एक लोकसभा और चार विधान सभा के साथ करीब 25 लाख की आबादी वाले मऊ जिले में करीब साढ़े पांच सौ किमी लंबा सड़कों का जाल बिछा है। इसमें प्रांतीय खंड के पास लगभग 270 किमी और निर्माण खंड के पास 280 किमी लंबी सड़कें हैं। शासन के दबाव पर जिले की प्रमुख सड़कों पर पीडब्लूडी ने काम शुरु किया। इसमें चिरैयाकोट नदवासराय घोसी मार्ग को राज्य एनएच घोषित कर उस पर काम शुरु किया गया।
इसी क्रम में वाराणसी-गोरखपुर वया मऊ होकर गुजरने वाले एनएच के उन हिस्सों पर काम शुरु किया गया, जो एनएच से अलग हुआ है, इसमें कोपागंज से घोसी दोहरीघाट वाले मार्ग पर तो काम शुरु किया गया, लेकिन बढ़ुआ गोदाम से कोपागंज के बीच काम अभी भी शुरु नहीं किया जा सका। इसके अलावा मुख्य मार्गो से निकले लिंक रोड पर भी काम नहीं शुरु हो सका है।
दो से तीन फीट के गहरे गड्ढे से निकलने को मजबूर लोग
बढुआगोदाम। राष्ट्रीय राज्यमार्ग 29 पर ऐसे तो घोसी से लेकर जिले के बढुआगोदाम बाजार तक कहीं जगहों पर सड़कें बेहद जर्जर हालात में है। लेकिन बढुुआगोदाम बाजार में यह स्थिति बद से बदतर है। करीब 200 मीटर के दायरे में सड़क पर एक से ड़ेढ फीट तक गहरे गड्ढे बने हुए है।सड़क की समस्या को लेकर स्थानीय निवासी पवन पांडेय ने बताया कि कई बार तो इस जर्जर सड़क के चलते हादसे घटित हो चुके है। बावजूद सड़क को मरम्मत कराने की अनगिनत मांगों को जिम्मेदारों द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है।
ब्लाक मुख्यालय तक पहुंचना टेढी खीर से कम नहीं
रानीपुर। बलाक मुख्यालय को जोड़ने वाली दस किमी रानीपुर-खुरहट मार्ग जर्जर हालात में है। इस मार्ग से रोजाना ब्लाक के दर्जनों गांव के लोगों को गुजरना होता है। जर्जर मागों से गुजरना वाहन चालकों तथा ग्रामीणों के लिए किसी टेढी खीर से कम नहीं। समस्या को लेकर शिवशक्ती सिंह ने बताया कि जिम्मेदारों की लापरवाही से गड्ढा मुक्त सड़क का दावा केवल कागजी साबित हो रहा है। प्रशासन को इस समस्या को दूर करने का प्रयास करना चाहिए।
हर दो फीट पर गड्ढे करते हैं स्वागत
रानीपुर। ब्लाक की दौलसेेपुर-तेंदुली मार्ग ऐसे तो तीन किमी है। लेकिन इस मार्ग पर हर दो से तीन फीट पर बने गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए मुसीबत बनकर स्वागत करते है। फलस्वरूप अगर वाहन चालक सावधानी न रखे तो हादसा होने की संभावना रहती है। समस्या को लेकर स्थानीय निवासी हरकेश यादव का कहना है कि सड़क बदहाल होने से गांव के लोगों को आवागमन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी रात के समय होती है, जब अंधेेरे के चलते आए दिन हादसे होते रहते है।
लोगों का सवाल कब तक बनेगी सड़क
दुबारी। मधुबन तहसील के मधुबन-दुबारी-परसिया मार्ग काफी बदहाल हाल है। जबकि यह मार्ग न केवल देवारांचल के लिए मुधबन तहसील का मुख्यमार्ग है। बल्कि यह मार्ग बलिया-देवरिया जिले के लोगों का आवागमन होता है।दुबारी निवासी समरू यादव ने बताया कि एक दशक से ज्यादा समय हो गया है सड़क के मरम्मत कार्य का। कई बार सड़क की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासन से की जा चुकी है। बावजूद स्थिति जस की तस है।