मऊ। जिले की 10 में से 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधा नहीं होने से हर दिन करीब 200 मरीजों को निजी केंद्रों पर एक्सरे कराने के लिए जाना पड़ता है। सात सीएचसी की ओपीडी में आने वाले करीब 800 लोगों में से 200 को डॉक्टर एक्सरे के लिए कहते हैं।
निजी केंद्रों के अलावा सीएचसी से एक्सरे कराने के लिए मरीजों को जिला मुख्यालय आना पड़ता है। इसमें जिले के सबसे बड़े ब्लॉक रानीपुर का सीएचसी भी शामिल है। जबकि जिन सीएचसी में एक्सरे की व्यवस्था है भी वहां भी प्लेट न होने से अधिकांश में एक्सरे मशीन बंद है। जिले के नौ ब्लॉक पर बने 30 बेड की क्षमता वाले सीएचसी में केवल रतनपुरा, मुहम्मदावाद गोहना और फतेहपुर मंडाव सीएचसी में एक्सरे की सुविधा का लाभ मरीजों को मिल रहा है। रानीपुर, दोहराघाट, बड़राव, घोसी, कोपागंज, दरियाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीते कई साल से एक्सरे की सुविधा नहीं है। इसमें कोपागंज में एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती की गई है, ऐसे में सवाल उठता है कि सीएचसी मशीनविहीन है तो फिर यहां कर्मचारी की क्या जरूरत है। उधर, दस में सात सीएचसी में एक्सरे की सुविधा न होने से रोजाना 200 मरीजों को निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसमें करीब 50 से 60 मरीज सीएचसी से एक्सरे कराने जिला अस्पताल आते हैं। इससे उन्हें समय और धन दोनों अधिक खर्च करना पड़ता है। वहीं बाकी मरीज दूरी के चलते निजी केंद्रों में पहुंचकर जांच कराने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं रतनपुरा और फतेहपुर मंडाव में तो आए दिन एक्सरे मशीन की फिल्म खत्म होने पर यहां भी सुविधा मरीजों को नियमित नहीं मिल पाती है।
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कोपागंज-बड़राव सीएचसी पर एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था के लिए भेजा प्रस्ताव
स्वास्थ्य विभाग ने जिले की दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जल्द ही एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू करने का दावा किया है। इसका प्रस्ताव भी शासन के पास भेजा गया है। अगर यह सुविधा शुरू होती तो कोपागंज और बड़राव ब्लॉक के 150 गांव के लोगों का इसका लाभ मिलता।
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सीएचसी में एक्सरे की सुविधा का होना आवश्यक
सीएचसी में एक्स-रे की सुविधा का होना आवश्यक है। हड्डी टूटने, संक्रमण, ट्यूमर और अन्य आंतरिक चोटों का तुरंत और गैर-आक्रामक रूप से निदान और उपचार शुरू करने के लिए एक्सरे की रिपोर्ट का होना महत्वपूर्ण है। यह डॉक्टरों को सर्जरी के बिना शरीर के अंदरूनी हिस्सों की हालत की जानकारी देता है। इससे वे उपचार की प्रगति की निगरानी कर सकते हैं और सही उपचार कर सकते हैं।
इनसेट
सीएचसी में निशुल्क एक्सरे, निजी केंद्रों पर 600 रुपये से होती है शुरुआत
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में जहां एक्सरे जांच निशुल्क होता है। वहीं निजी केंद्रों पर एक्सरे की इसकी शुरुआत 600 रुपये से होती है। सात सीएचसी पर एक्सरे की सुविधा नहीं होने से मरीजों निजी केंद्रों पर अधिक पैसे देने पड़ते हैं, उनकी जेब पर असर पड़ता है।
कोट
जिले के कोपागंज और बड़राव सीएचसी में मरीजों की सुविधा को लेकर एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीन इंस्टॉल करने की योजना है। इसको लेकर शासन को प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। वहीं अन्य सीएचसी के लिए भी कवायद की जा रही है।
डॉ. संजय गुप्ता, प्रभारी सीएमओ, मऊ