राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में पूरे देश में राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 का संचालन एक जनवरी से चल रहा है। जिसका समय बढ़ा कर 15 फरवरी कर दिया गया है। अब तक सात मामलों में पक्षकारों के बीच हुई सुलह है। 244 पत्रावली विभिन्न न्यायालयों से भेजी गई हैं।
अभियान का मुख्य उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम से न्यायालयों में लंबित मुकदमों का अधिक से अधिक संख्या में त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण कराना है।
जिला जज/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय कुमार यादव के निर्देशन में मध्यस्थता अभियान का आयोजन जनपद में किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव साक्षी सिंह ने मध्यस्थों से अधिक से अधिक वादों को निस्तारित कराए जाने मे सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि अब तक विभिन्न न्यायालयों से कुल 244 पत्रावली मध्यस्थता केंद्र में प्राप्त हुई हैं। जिसमें 7 मामलों में मध्यस्थों के प्रयास से पक्षकारों के मध्य सुलह हो गई हैं। वहीं 15 पत्रावलियों मे पक्षकारों के मध्य सुलह न होने की परिस्थिति में पत्रावली संबंधित न्यायालय को वापस भेज दी गई हैं।
सचिव ने बताया कि मध्यस्थता के लिए न्यायालय से पत्रावली चिन्हित कर मध्यस्थता के लिए संदर्भित कर 15 फरवरी 26 तक भेजा जाएगा। इस संबंध में सभी न्यायालयों को पत्र भेजे गए हैं, ताकि न्यायालयों मे लंबित मामलों को मध्यस्थता के लिए संदर्भित करें।