दुबारी (मऊ)। घाघरा नदी के उग्र तेवर अपनाने से कटान पीड़ितों की धड़कनें बढ़ती ही जा रही है। क्षेत्र के बिंदटोलिया में कटान जारी रहने से लोगों को बेघर होने तथा भूमिहीन होने की चिंता सताने लगी है। गांव स्थित अंबेडकर प्रतिमा नदी के जद में आ गई है। प्रतिदिन लगभग 15 बीघा उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो रही है। करोड़ों की लागत से कटान प्रोजेक्ट कार्य ठप होने से लोग सुरक्षित स्थान का रुख करने लगे हैं।
शिकायत के बाद भी आला अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।क्षेत्र के बिंदटोलिया गांव में कटान तेज होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। प्रतिदिन 15 बीघा उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो रही है। लोग दूर से ही अपनी विलीन हो रही उपजाऊ जमीन को निहारते हुए देखे गए। कटान तेज होने से आसपास के तटवर्ती गांवों के लोग दहशत में जी रहे हैं। नदी के कहर बरपाने की आशंका से लोग चैन से सो नहीं पा रहे हैं। कटान पीड़ितों को भूमिहीन होने डर सताने लगा है।
बिंटोलिया गांव स्थित अंबेडकर प्रतिमा के समीप घाघरा पहुंच गई है बिंटोलिया गांव के लगभग दो दर्जन से अधिक कटानपीडितों ने प्राथमिक विद्यालय में शरण लिया है। लगातार कटान होने के कारण कटान पीडितों ने अपनी पक्की या कच्ची मकानों से कीमती सामान निकालकर सुरक्षित स्थान तलाशने लगे हैं। मधुबन तहसील क्षेत्र के धर्मपुर बिशुनपुर, मोलनापुर और दुबारी में लगभग ढाई किलोमीटर लंबाई में कटान हो रही है लेकिन इस समय धर्मपुर के बिंटोलिया और दुबारी क्षेत्र में कटान लगातार हो रही है। नदी ने तीन वर्षों में लगभग हजारों एकड़ जमीन कट कर घाघरा नदी में विलीन हो चुकी हैै। करोड़ों की लागत से कटान प्रोजेक्ट कार्य ठप होने से लोग दहशत में जी रहे हैं। लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ ठौर तलाशने लगे हैं।