अब अनुदानित बीज का लाभ लेने वाले किसानों को तीन साल तक इंतजार करना पड़ेगा। नए नियम से अनुदानित बीज लेने से काफी किसान वंचित हो जाएंगे। कृषि विभाग की ओर से व्यापक पैमाने पर योजनाओं का प्रचार प्रसार न होने से काफी संख्या में किसान निजी दूकानों से महंगे दर पर बीज खरीद रहे हैं। रबी सीजन के लिए विभाग की ओर से 39816 कुंतल अनुदानित बीज वितरित करने का लक्ष्य बनाया गया है, लेकिन अभी तक 1500 कुंतल बीज की आपूर्ति हो पाई है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि शीघ्र ही सरकारी गोदामों पर आपूर्ति कर दी जाएगी।
रबी सीजन शुरू हो गया है। किसान रबी बुआई की तैयारी में जुट गए हैं। सरकार की ओर से नई व्यवस्था के तहत आनलाइन किसान पंजीकरण के तहत पंजीकृत किसानों को ही कृषि विभाग की ओर से चलाई जा रही योजना का लाभ दिए जाने का प्राविधान है। अभी तक 2.18 लाख के सापेक्ष 1.61 लाख किसानों ने आनलाइन पंजीकरण कराया है। कृषि विभाग की ओर से व्यापक पैमाने पर योजनाओं का प्रचार प्रसार तथा सही तरीके से क्रियान्वयन न होने से बीज अनुदान सहित कई योजनाओं के लाभ से किसान वंचित हो जा रहे हैं। काफी संख्या में किसान निजी दूकानों से बीज खरीदने में रुचि ले रहे हैं। किसानों की मानें तो सरकारी गोदामों से बीज खरीदने पर कमी मिलने पर अधिकारियों द्वारा निस्तारण करने में रुचि नहीं लिया जाता है। भागदौड़ में ज्यादा समय लगता है। विभाग की ओर से गेहूं बीज एचडी 2967, डीबीडब्ल्यू 16, डीबीडब्ल्यू 17, डीबीडब्ल्यू 38 सहित विभिन्न प्रजाति की बीजों की सरकारी गोदामों में आपूर्ति की जाएगी।
आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो रबी सीजन के लिए गेहूं का 37587 कुंतल, चना, 669 कुंतल, मटर 572 कुंतल, मसूर 260 कुंतल, तोरिया 61 कुंतल सहित 39816 कुंतल अनुदानित बीज वितरित करने का लक्ष्य बनाया गया है। अभी तक मसूर 45 कुंतल, जौ 10 कुंतल, गेहूं 631 कुंतल, चना 212 कुंतल, मटर 541 कुंतल सहित 1500 कुंतल बीज की आपूर्ति हो पाई है। गत वर्ष 40 हजार किसानों में अनुदानित बीज का लाभ दिया गया था। अब इन किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा।
इस संबंध में रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के पंजीकृत किसान हृदयनाथ मिश्र, विक्रमा सिंह, गोपाल मौर्या, इंद्रजीत, पारस यादव ने बताया कि सरकारी गोदाम से मनमाफिक बीज नहीं मिलता है। सरकारी गोदाम से यदि बीज खरीदा जाता है। शिकायत मिलने पर अधिकारियों द्वारा गंभीरता से नहीं लिया जाता है। जबकि निजी दूकानदारों द्वारा गुणवत्तापरक बीज की गारंटी दी जाती है।
इसी तरह अपंजीकृत किसान श्यामनारायण यादव, बब्बन सिंह, संजीव सिंह का कहना है कि कृषि विभाग की योजनाओं का समय पर जानकारी नहीं हो पाती है। निजी दूकानों से बीज खरीदने पर खेती की लागत बढ़ जा रही है। इस बाबत जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार का कहना है कि विभाग की ओर से योजनाओं का प्रचार प्रसार कराया जाता है। तीन दिन के अंदर सभी राजकीय बीज गोदामों पर लक्ष्य के मुताबिक बीज की आपूर्ति कर दी जाएगी।