एक साथ मोहर्रम और भरत मिलाप पड़ने से सुरक्षा के लिए सशंकित प्रशासन को उस समय राहत मिली जब दोनों ही शांति पूर्वक संपन्न हो गए। शुक्रवार की रात शाही कटरा का मैदान एवं सांस्कृतिक पाठशाला पुलिस छावनी में तब्दील रहा। चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात रही। एएसपी, सीओ रैंक के अधिकारियों के साथ सीआईएसएफ एवं पीएसी के जवान जगह-जगह तैनात रहे।
शुक्रवार की रात नगर के ऐतिहासिक भरत मिलाप एवं मोहर्रम का त्योहार एक ही साथ पड़ने पर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं पुलिस अधीक्षक शिवप्रसाद उपाध्याय ने कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बाहरी फोर्स भारी संख्या में व्यवस्था की थी। जिले में बाहरी फोर्स के रूप में पांच एएसपी, 12 सीओ, 15 इंसपेक्टर, 200 सब इंसपेक्टर, 700 मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी, 1100 होमगार्ड, 50 महिला आरक्षी, 50 महिला एसआई,
तीन कंपनी आरएएफ, 3 कंपनी रामनगर की पीएसी, एक कंपनी सीआईएसएफ, 55 खुफिया, 5 फायर दस्ता, एक वाटर कैनन, चार ड्रोन कैमरा, 150 सीसी कैमरा, दो बम डिस्पोजल दस्ता, दो डाग स्क्वायड, दो रेडियो शाखा की टीम नगर में उपलब्ध थी। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित होकर पल-पल का जायजा लिया। शहर को त्योहार के दृष्टिकोण से इस प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई थी कोई भी अराजकतत्व अपने मकसद में सफल न हो पाए। अंतत: जैसे ही भरत मिलाप एवं मोहर्रम का जुलूस का कार्यक्रम संपन्न हुआ। फोर्स ने राहत की सांस ली।